मनोविज्ञान के कुछ दिलचस्प तथ्य जिन्हें आपको जानना चाहिए

1- मनोविज्ञान कहता हैं, जब आपको आफिस छोड़ने में देर हो जाती है तब आपकी तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता है, जब आप आफिस जल्दी छोड़ते हैं तो अक्सर आपका सामना पार्किंग में बास से हो जाता है।

2 – मनोविज्ञान कहता है कि जैसे ही आप वह करना शुरु करते हैं जो आप हमेशा से करना चाहते थे तो अक्सर आपको लगने लगता है कि आप कुछ और करना चाहते थे।

3- मनोविज्ञान कहता है कि अक्सर जो भी पदार्थ बाहर से सख्त होता है वह सड़ने पर नर्म हो जाएगा जबकि जो शुरुआत में नर्म होगा वह सड़ने पर सख्त हो जाएगा।

4 – मनोविज्ञान कहता है कि अक्सर वेतन वृद्धि का प्रभाव आपके टैक्स पर ज्यादा और सैलरी पर कम होता है।

5 – मनोविज्ञान कहता है कि ग्रुप में आप जिस काम को करने में सबसे कम योगदान देते हैं, उस काम को करने के लिए आपकी अनुपस्थिति उतनी ज्यादा नोटिस की जाती है।

6 – मनोविज्ञान कहता है कि गर्मजोशी से हाथ मिलाना दूसरों की नजरों में आपको अधिक आकर्षक बनाता है।

7 – मनोविज्ञान कहता है कि लोगों की रूचि आपको 5 मिनट से ज्यादा जज करने में नहींं होती है इसलिए दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैंं,यह सोचने में 10 मिनट से ज्यादा मत बर्बाद कीजिए।

8-मनोविज्ञान कहता है कि जब आप किसी बीमार व्यक्ति की तस्वीर देखते हैं या उनके बारे में सोचते हैं तब आपका शरीर इसके प्रति प्रतिक्रिया करता है और अतिरिक्त सफेद रक्त कोशिकाओं का उत्पादन आपकी रक्षा करने के लिए करता है। चित्रों का उपयोग अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।

9- मनोविज्ञान कहता है कि किसी के कान में फुसफुसा के कुछ कहना इस बात की लगभग गारंटी है कि वे भी फुसफुसा के ही जवाब देंगे।

10 – मनोविज्ञान कहता है कि अगर कोई व्यक्ति बात करते समय अपने हाथों का बहुत उपयोग करता है रहा है तो यह इंगित करता है कि वे सच कह रहे हैं और तथ्यों के बारे में बहुत कान्फिडेन्ट हैं।

11- मनोविज्ञान कहता है कि आप जितना अधिक खुश रहते हैं रोजमर्रा की जिंदगी में कार्य करने के लिए आपको उतनी ही कम नींद की आवश्यकता होती है, उदासी से सोने की इच्छा बढ़ती है।

हमेशा कोई न कोई कहीं न कहीं होता है

हर किसी के जीवन में एक एेसा वक्त आता है, जब हमारे जीवन में कुछ भी सही नहीं होता है। आपको हर तरफ से असफलता मिलती है और आप जिंदगी से निराश हो जाते हैं। आपका आत्मविश्वास टूट जाता है और आपको लगता है कि आपका जीवन बेकार है। लेकिन यह सच नहीं है।

हमेशा कोई न कोई, कहीं न कहीं, होता है, जो आपके साथ रहने की इच्छा रखता है।

हमेशा कोई न कोई, कहीं न कहीं, होता है, जो आपके चेहरे पर एक मुस्कान देखने के लिए घंटों इंतजार करता है।

हमेशा कोई न कोई, कहीं न कहीं होता है, जो आपके लिए मुश्किलों से भरे पहाड़ों को पार करने के लिए खुशी से तैयार रहता है।

हमेशा कोई न कोई, कहीं न कहीं होता है, जो आपसे मिलने के लिए हजारों मीलों के फासले पार करने में भी संकोच नहीं करता है।

उनके लिए जीना सीखिये। अपने जीवन को व्यर्थ समझने की भूल कभी मत कीजिए,क्योंकि कोई आपको देखकर अपने जीवन को जीने की बात करता है।

हो सकता है कि वे आपके साथ हों, हो सकता है कि वे आपके माता-पिता हों, हो सकता है कि वे आपके भाई बहन हों, हो सकता है कि वो आपकी पत्नी या पति हों या फिर कोई एेसा हो जिससे आपका कोई सांसारिक रिश्ता न हो।

यह भी हो सकता है कि आपके जीवन में ऐसा कोई व्यक्ति न हो। फिर उनके लिए प्रतीक्षा कीजिये। निश्चित रूप से वे आपके जीवन में एक न एक दिन जरूर आ जाएंगे।

किसी ऐसे व्यक्ति के लिए जिंदगी को जीना शुरू कीजिए जो आपके लिए जीना चाहता है। एेसा करने से आपकी जिंदगी निश्चित रूप से पहले से सुंदर हो जाएगी और आपको खोया हुआ आत्मविश्वास फिर मिल जाएगा।

आपने अब तक अपनी ज़िन्दगी से क्या सीख हासिल की है?

1-चाहे कोई कितना भी आपसे वादा कर ले कि वो आपको कभी नहीं छोड़ेगा या फिर आपके बिना जीवन की कल्पना तक नहीं कर सकता है, पर वो भी एक दिन आपका साथ छोड़ देंगे। जिंदगी में कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता है। लोग आपके बिना भी जीवन की बहुत अच्छी तरह से कल्पना कर सकते हैं और जितना कि आप सोचते हैं उससे कहीं बेहतर तरीके से जीवन बिता सकते हैं।

2- लोग गलतियां करते हैं और आपकी भावनाओं के प्रति उदासीन हो सकते हैं। वे कहते हैं, ठीक है, जो मैंने किया था ,मैं उन सब के लिए माफी चाहता हूँ । और वे इसे बहुत ही सामान्य ढंग से लेते हैं जैसे कि कुछ भी हुआ ही नहीं हो। लेकिन फिर भी आप के लिए यह बहुत मुश्किल होता है और आप जिंदगी में आगे बढ़ने में कठिनाई महसूस करते हैं।

3- किसी भी रिश्ते में आवश्यकता से अधिक प्यार या समर्पण जरूरी नहीं है। अधिकता हर चीज़ की बुरी होती है। रिलेशनशिप में कब और कहाँ रूकना है और कहां अपने आप को सीमित करना है यह सीखना बहुत जरूरी है। किसी को भी अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण और एकमात्र प्राथमिकता मत बनाइये।

4- लोग बदलते हैं, भावनाएं बदलती हैं और प्राथमिकताएं बदलती हैं ।आप कभी भी किसी व्यक्ति से ये अपेक्षा नहीं कर सकते हैं कि वह भी आपके उतना ही समझता है जितना कि आप उसे समझते हैं। कोई आपको अपनी लाइफ से कब रिप्लेस कर देगा कुछ कहा नहीं जा सकता है।

5- लोग हमेशा एक मुखौटा पहनते हैं। एक ही इंसान विभिन्न लोगों को अपना अलग-अलग पक्ष दिखा सकता है। इसलिये यदि आप सोचते हैं कि किसी इंसान के साथ कुछ समय बिताने के बाद आप उन्हें शत प्रतिशत समझते हैं तो यह सही नहीं है। किसी भी इंसान के व्यक्तित्व के बहुत से पहलू होते हैं ,अभी भी बहुत कुछ है जो आपको पता नहीं है।

6- यहां तक कि जब लोग पकड़े जाते हैं या फिर वे गलती को स्वीकार कर सत्य प्रकट करते हैं, तो आप विश्वास कर सकते हैं कि वह कम से कम अपनी गलती तो स्वीकार कर रहा है और मुझे सब कुछ बता रहा है। पर यहां आपको सावधान रहना चाहिये क्योंकि लोग आपको उतनी ही सच्चाई बताते हैं जितना कि वे आपको विश्वास में लेने के लिए जरूरी समझते हैं। अधिकांश मामलों में आपको पूरी सच्चाई नहीं बताएंगे क्योंकि कोई भी पूरी तरह से एक्सपोज़ नहीं होना चाहता है वह सिर्फ एक झटके में अपना मुखौटा गिरने नहीं देना चाहता है, यदि आप अधिक खोदते हैं तो आप अधिक हैरान हो सकते हैं।

7- अंतिम सत्य यही है कि हर इंसान को अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ती है।

यूं ही निराश मत होइये

यदि आपके पास कीमती पेन नहीं है, बढ़िया कागज और मेज नहीं है, तो क्या आप कुछ नहीं लिखेंगे? यदि आपके पास अच्छे कपडे और बढ़िया कार नहीं हैं, तो क्या आप उन्नति नहीं करेंगे? यदि आपके घर के इर्द-गिर्द शोर होता है, तो क्या आप कुछ भी नहीं करेंगे? यदि हमारी लाइफ स्टाइल, भोजन आदि ऊंचे स्टैन्डर्ड की नहीं है, तो क्या हम निराशा से भर जायेंगे?

निराश मत होइये यदि हमारे पास बढ़िया मकान, अच्छे कपडे, बढ़िया कार इत्यादि ऐश्वर्य की वस्तुएँ नहीं हैं। ये हमारी उन्नति में बाधक नहीं हैं। उन्नति की मूल वस्तु-महत्वाकाँक्षा है। जो न जाने मन की किस अतल गहराई में छिपी पड़ी है। आत्म-परीक्षण कीजिये और इसे खोजकर निकालिये।

एेसा नहीं है कि हर कोई सफल होना चाहता है , अधिकांश लोग अपनी दुनिया में ही इतने खोए हुए हैं कि उसके अतिरिक्त उन्हें कुछ सोचने की इच्छी ही नहीं होती है। लेकिन वास्तव में सफल लोगों में कुछ हासिल करने की प्रबल इच्छा होती है उनके दिमाग में उनके लक्ष्य स्पष्ट होते हैं।

सफलता की गारंटी कभी नहीं होती है। सफल और असफल लोगों के बीच एक मौलिक अंतर यह है कि जो लोग सफल होते हैं वे नम्रता से अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं एेसे व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं।

दुनिया को चलाने और सुधारने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है। पर जीवन में हमारे जो कर्तव्य हैं उन्हें सच्चे मन से पूरा करने का प्रयास करना निश्चय ही हमारी जिम्मेदारी है। अपने आपको व्यवस्थित करके हम दुनिया के संचालन और सुधार में अपनी ओर से सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

सफलता पाने के लिए एक बहुत सरल दृष्टिकोण यह भी है कि यदि आप केवल कुछ चीजों के साथ पर्याप्त मात्रा में खुश हैं तो सफलता आसानी से मिल जाएगी। इसके लिए हमें उन चीज़ों को पाने के लिए खुद को चोट पहुँचाने से बचना चाहिये जिनकी हमें ज़रूरत नहीं है, हम अपनी आवश्यकताओं को सीमित करके भी सफल हो सकते हैं। हांलाकि बहुत से लोग इसे समझ नहीं सकते हैं और आपको अपने दृष्टिकोण से असफल मान सकते हैं, लेकिन सफलता के लिए इस दुनिया में कौन किसकी परवाह करता है?

हमारे जीवन की कुछ कठोर सच्चाईयां क्या हैं

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1- अभी वर्तमान में आप जो जीवन जी रहे हैं वह कई लोगों के लिए एक सपना है। हर किसी के पास अपने जीवन का गुजारा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। हर किसी के पास परिवार और मित्र नहीं हैं जो उनकी परवाह करते हों। हमारे देश में बहुत सारे लोग हैं जो अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करते हैं।

2- हम चीजों को वैसे नहीं देखते हैं जैसी वे हैं बल्कि हम चीजें को वैसे देखते हैं जैसे हम हैं। सब कुछ हमारी धारणा पर निर्भर करता है। एक ही चीज किसी के लिए सुख तो किसी के लिए दुख का कारण बनती है।

3- जीवन में दूसरों को सलाह देना आसान है पर किसी को विपरीत स्थिति से बाहर निकलने में मदद करना मुश्किल है। किसी को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने के लिए सलाह से अधिक भी बहुत कुछ करना पड़ता है।

4- जीवन में सब-कुछ फेयर नहीं होता। यदि आप किसी चीज़ में अच्छे हैं तो हमेशा आपसे भी बेहतर कोई जरूर होगा। इस सत्य को स्वीकार कीजिए और इसके साथ जीना सीखिये।

5- यह दुनिया स्वार्थी है। अधिकांश लोग केवल उसमें रुचि रखते हैं जो वह आपसे प्राप्त कर सकते हैं या फिर जिससे किसी भी तरह से लाभ उठा सकते हैं।

6- आपका बाहरी पर्सनाल्टी बहुत महत्वपूर्ण है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अंदर से कितने अच्छे हैं। चाहे आपके रिश्तेदार हों या फिर आफिस के सहयोगी, लोग आपको आपके बाहरी व्यक्तित्व के आधार पर जज करेंगे।

7- लोग आपको अपनी प्राथमिकता सूची में बदलते रहते हैं । समय, दूरियां और परिस्थितियां लोगों को प्रभावित करती हैं। इस बात को हम दिल पर ले सकते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, यह जीवन है जहां सब-कुछ परिवर्तनशील है।

8- आप अपने जीवन के सबसे कठिन समय में अकेले होंगे और यह समय आपको बुद्धिमान, परिपक्व और निडर बना देगा।

9- कुछ भी हमेशा के लिए रहता है आपकी समस्याएं, आपके आस-पास के लोग, आपका काम, नए रिश्ते सब कुछ किसी न किसी दिन खत्म हो जाएगा।

10- जिंदगी में अक्सर आपका दिमाग क्या सोचता है और आपका दिल क्या चाहता है, वह पूरी तरह से अलग हो सकता है।

जीवन के कुछ अनकहे पर महत्वपूर्ण नियम क्या हैं

1-जीवन में प्यार और सम्मान कमाना पड़ता है। आप किसी से खुद को प्यार करने या आपको सम्मान देने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। आपको इसे अर्जित करना होगा।

2- रिश्तों में धोखा कभी मत दीजिए, शायद किसी ने आपके दिल को जीतने के लिए अपना सबकुछ खो दिया होगा।

3- फोन पर महत्वपूर्ण बातों की चर्चा करने से न बचिए। यहां गलतफहमी होने की बड़ी संभवना होती है, जितना संभव हो सके, महत्वपूर्ण मसलों पर बात आमने-सामने करें।

4- जब कोई आपसे सहानुभूति चाहता है तो अपनी राय को देने की उस समय कोशिश मत कीजिए। कभी- कभी लोग बस इतना चाहते हैं कि आप उनकी बातें धैर्यपूर्वक सुन भर लें।

5- कभी भी किसी से अत्याधिक जुड़ाव मत रखिये, जब लोग नए लोगों से मिलते हैं तो आम तौर पर लोग बदल जाते हैं।

6- किसी को खुश करने या खुद को कूल दिखाने के लिए कभी अपने मूल्यों और आत्म-सम्मान से समझौता मत कीजिये। आपको इसके लिए बाद में पछताना पड़ेगा।

7- आपके पास जो भी है उसके बारे में अभिमान मत कीजिए, समय सबसे बड़ा गेम- चेंजर है।

8- प्यार में पड़ना भाग्य है, किसी के लिए इंतजार करना आपका चुनाव है।

9- जब आप गुस्से में हों तो कभी भी कोई बयान न दें। हर किसी को अपनी गलती को सुधारने का एक और मौका नहीं मिलता है।

10- कुछ भी और कोई भी यहां स्थायी नहीं है। यहां सब लोग सिर्फ अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

जीवन के कुछ कठोर सत्य जिन्हें हमें समझना चाहिये

1 – जीवन में यदि आप लोकप्रिय नहीं हैं तो आप प्रसिद्धि चाहते हैं, अगर आप बहुत लोकप्रिय हैं तो आप जीवन में एकांत चाहते हैं।

2 – अगर आप सिंगल हैं तो आप एक रिश्ता चाहते हैं अगर आप रिश्ते में हैं तो आप जीवन में कुछ स्पेस और स्वतंत्रता चाहते हैंं ।

3 – अगर आप गरीब हैं तो आप पैसा चाहते हैं, यदि आप अमीर हैं, तो आप बस एक साधारण जीवन जीना चाहते हैं।

4 – किसान जो पूरे राष्ट्र का पेट भरता है, अक्सर आधा या खाली पेट सोता है।

5 – बड़े घरों में रहने वाले लोग आमतौर पर छोटे दिल के होते हैंं, जबकि सड़क के किनारे या छोटे से मकान में रहने वाले लोगों के पास आमतौर पर एक बड़ा दिल होता है।

6 – लोगों अक्सर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करते हैंं, जो उनकी परवाह नहीं करते हैं और उपेक्षा उन लोगों की करते हैं जिन्हें वास्तव में उनकी परवाह है।

7 – हमारे देश में एक चपरासी बनने के लिए योग्यता कक्षा 8 पास है, जबकि किसी भी योग्यता के बिना आप एक राजनीतिज्ञ बन सकते हैं और देश को चला सकते हैं।

8 – हम सभी ईश्वर में विश्वास रखते हैं लेकिन अपनी ही परछाई को भूत समझकर उससे डरते हैं।

जिंदगी के कुछ अनछुए पहलू

हम सभी के व्यकतित्व के दो पहलू होते हैं। एक वह जो लोग हममें देखते हैं और दूसरा वह जिसे अक्सर लोग देख कर भी समझ नहीं पाते हैं।

1- अक्सर कोई व्यक्ति जब चुप हो जाता है तब लाखों चीजें उसके दिमाग में चल रही होती हैं।

2- कभी-कभी कोई व्यक्ति जो हमसे मीलों दूर होता है, वह ही आपके दिल के सबसे करीब होता है।

3- जब कोई आपको समझता नहीं है, तब संगीत ही आपका सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है।

4- अक्सर जो लोग सबसे ज्यादा हंसते हैं, वे जिंदगी में सबसे अधिक दर्द अनुभव करते हैं।

5- कभी-कभी, आपको अपने डर छिपाने के लिए मुस्कुराना पड़ता है और अपने आंसुओं को छिपाने के लिए हंसना पड़ता है।

6- जिंदगी में चीजें किसी कारण से नहीं होती हैं, अक्सर वे आपको कुछ सिखाने के लिए होती हैं।

7- कुछ कहने से पहले जरूर सोचिए, आपके शब्द किसी की खुशियों को खत्म सकते हैं।

8- आँसू हमेशा दिल से आते हैं, दिमाग से नहीं।

– कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना प्रयास करते हैं। कुछ लोग आपकी भावनाओं को कभी नहीं समझ पाएंगे।

10- आपका एक गलत कदम और हर कोई आपको जज करने लगता है।

11- गहरी नींद और उन्मुक्त हंसी किसी भी बीमारी के दो सबसे अच्छे इलाज हैं।

जीवन में आशा रखना सीखिये, कोई नहीं जानता है कि आगे क्या होगा? खुद में विश्वास कीजिए आपका सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है।

खुद से दोस्ती क्यों जरूरी है ?

हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है? यदि हमें इस प्रश्न का उत्तर खोजना है तो इसकी तलाश खुद के भीतर से ही प्रारंभ करनी होगी, खुद को समझ लेने के बाद ही संसार से प्राप्त ज्ञान का सही उपयोग हो पाता है अन्यथा यह ज्ञान खोखला ही साबित होता है जो सिर्फ हमारे भीतर अहंकार का ही पोषण करता है।

इससे पहले कि हम यह जानें कि हम क्या होगें, यह जान लेना जरूरी है कि हम क्या हैं? हम जो भी हैं उसे पहचानकर, समझकर ही उस भविष्य की रचना की जा सकती है जो अभी तक हमारे भीतर कहीं सो रहा है।

ज्ञान और जानकारी में फर्क है जो हमें अपने भीतर से, खुद को खोजने से, खुद के विषय में प्राप्त होता है वही ज्ञान है बाकी जो कुछ हम संसार से सीखते हैं वो जानकारी है। हममें से ज्यादातर लोगों के पास जानकारी तो बहुत है पर ज्ञान बहुत अल्प या नहीं के बराबर है।

ज्ञान प्राप्त करने की पहली शर्त खुद को जानने की है। यदि इस बिंदु पर अंधकार है तो सब जगह अंधेरा है। यदि यहां प्रकाश है तो सर्वत्र उजाला है।

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हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम स्वयं के प्रति उदासीन हैं। हम खुद के प्रति सजग नहीं हैं। चिराग तले अंधेरा वाली कहावत हमारे जीवन में सत्य सिद्ध हुई है। एेसे में यदि हमारी जीवन भटककर गलत दिशा में चला जाता है तो इसमें अचरज कैसा ?

खुद के प्रति अनजान बने रहने के कारण हमारी जिंदगी की स्थिति उस नाव की भांति है जिसका मांझी सो गया है फिर भी नाव किसी तरह, इधर-उधर लहरों के सहारे बही चली जा रही है।

खुद को जानना ही ज्ञान की पराकाष्ठा है। खुद को समझे बिना किसी और को समझने का मूल्य कुछ भी नहीं है। जो खुद से बेगाना है वह दूसरों से कितना भी घुल मिल जाए उसका कोई अर्थ नहीं है। स्वयं के अनुभव के बिना दूसरों से प्राप्त ज्ञान में हित कम अहित ज्यादा है।

आसान नहीं है खुद को जानना, बहुत कोशिश करनी पड़ती है पर जीवन को सार्थक बनाने की यह अनिवार्य शर्त है। आप भी खुद को समझने की कोशिश कीजिए, मैं भी कर रहा हूं।

दोस्ती और प्रेम के बीच क्या अंतर है ?

1- दोस्ती में कोई वजह नहीं होती है, और प्रेम एक वजह बन कर रह जाता है क्योंकि दोस्ती को समझने की जरुरत नहीं होती है जबकि प्रेम में समझना बहुत आवश्यक हो जाता है।

2- प्रेम आत्मा है और दोस्ती शरीर और जब इन दोनों का मिलन होता है तो मजबूत रिश्तों का निर्माण होता है।

3- प्रेम मनुष्य को एकांत की और ले जाता है, दोस्ती उसे भीड़ की ओर क्योंकि प्रेम आपको विद्रोही बनाता है और दोस्ती आपको स्वच्छंद ।

4- प्रेमी कहता है, तुम्हें कुछ हुआ तो मैं ज़िंदा नहीं रहूँगा और दोस्त कहता है, जब तक मैं ज़िंदा हूँ, तुम्हें कुछ नहीं होने दूँगा।

5- मित्रता के लिए हमेशा ही किसी आलंबन की आवश्यकता होती है। किसी मित्र से कभी दुराव भी हो सकता है। मित्रता भी तभी तक है जब तक आपके ह्रदय में प्रेम है ।

6- प्रेम आप को लाचार बना सकता है पर दोस्ती आप को मजबूत बनाती है। प्रेम आंसुओं का कारण बन सकती है पर दोस्ती बारिश में भी आपके आँसू पहचान सकती है।

7- अगर प्रेम में मित्रता हो जाये तो अच्छी बात है पर यदि मित्रता में प्रेम हो जाये तो जिंदगी में फिर किसी और प्रेम की जरूरत ही नहीं पड़ती है।

8- प्रेम में दोनों पक्षों से उम्मीद रखी जाती है। पर दोस्ती बिना उम्मीद के भी चलती रहती है।

9- प्रेमी को दिल की बात समझनी पड़ती है और दोस्त अापके दिल की बात अपने आप समझ जातें हैं।

10- सैकड़ो अनकही उम्मीदों की वजह से प्रेम अक्सर दोस्ती की तुलना में कहीं ज़्यादा उलझाव भरा हो जाता है।