कुछ रोचक मनोवैज्ञानिक तथ्य जिन्हें लोग अक्सर नहीं जानते हैं

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http://www.mylifept.com/?refriwerator=beste-plattform-f%C3%BCr-bin%C3%A4re-optionen&0c0=35 1- मनोविज्ञान कहता है कि जो लोग स्वयं झूठ बोलते हैं, वे अक्सर दूसरों के झूठ को पकड़ने में माहिर होते हैं।

rencontre par skype gratuit 2- मनोविज्ञान कहता है कि आप जितनी ज्यादा बात किसी के बारे में करते हैं, उतनी ही अधिक उस व्यक्ति के साथ प्यार में पड़ने की संभावना होती है।

binäre optionen wie geht das 3- मनोविज्ञान कहता है कि जब आप अपने पास किसी चीज़ के होने की लगातार कल्पना करते हैं, तो इस बात की पूरी संभावना है कि अंततः आप उसे खरीद लेंगें।

follow link 4- मनोविज्ञान कहता है कि हमारे शरीर की कोशिकाएं हमारे मन की हर बात पर प्रतिक्रिया करती हैं। यही कारण है कि जब हम निगेटिव सोचते हैं तब हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर हो जाती है जिससे हम बीमार महसूस करते हैं।

meine sexualität kennenlernen 5- मनोविज्ञान कहता है कि जब आप चुप रहते हैं तो अक्सर इसका मतलब यह है कि आप नहीं सोचते कि दूसरा व्यक्ति आपके विचारों को सुनने के लिए तैयार है।

source url 6- मनोविज्ञान का कहना है कि अक्सर जब आपसे कोई कहता है कि उन्हें आपसे एक प्रश्न पूछना है, तो आपका मस्तिष्क हाल ही में हुई सभी बुरी बातों को याद करने लगता है।

live exchange rate 7- मनोविज्ञान कहता है कि जब आप किसी पिछली घटना को याद रखने की कोशिश करते हैं, तो आप वास्तव में उस घटना की बजाए यह याद करने की कोशिश करते हैं कि आखिरी बार आपने इसे कब याद किया था।

8- मनोविज्ञान कहता है कि हममें से कुछ लोग वास्तव में बहुत खुश होने से डरते हैं क्योंकि हमें भय होता है कि कहीं कुछ दुखद घटित न हो जाए।

9- मनोविज्ञान कहता है कि आपका पसंदीदा गीत आपका पसंदीदा इसलिए है क्योंकि इसके साथ आपकी कोई भावनात्मक घटना जुड़ी हुई है।

10- मनोविज्ञान कहता है कि स्मार्ट लोग अक्सर खुद को कम करके आंकते हैं, जबकि अज्ञानी लोग सोचते हैं कि वे शानदार हैं।

खुद को हर दिन प्रेरित रखने के कुछ टिप्स

1- कोई भी सिवाय आपके आपको पुश नहीं कर सकता है, मंजिल तक पंहुचने के लिए आपको कदम स्वयं ही उठाने होंगें।

2- खुद को नाउम्मीद मत होने दीजिए, हमेशा विश्वास रखिए कि कुछ अच्छा अवश्य ही होगा।

3- याद रखिये कि दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है, यहां तक कि आपकी तकलीफें और दुख भी स्थायी नहीं हैं।

4- बीते हुए को बिसार देना आसान नहीं है पर जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह जरूरी है।

5- सपने देखना मत छोड़िए, आपको नहीं पता है कि आने वाले कल में आपके लिए क्या छिपा है।

6- इस बात से डरना छोड़िये कि क्या गलत हो सकता है बल्कि इस चीज पर ध्यान दीजिए कि क्या सही हो सकता है।

7- यदि आपके पास प्रेम करने वाली फैमिली, सुख-दुख बांटने के लिए दोस्त, खाने के लिए भोजन और सिर के ऊपर छत है तो यकीन मानिए आप जितना समझते हैं उससे कहीं ज्यादा भाग्यशाली हैं।

8- सीखने के लिए केवल सफल लोगों की ओर ही मत देखिये असफलता की कहानियां भी पढ़िए, असफलता सफलता से कहीं ज्यादा सिखाती है।

9- सफल होने से पहले आपको सैकड़ों बार असफल होना पड़ता है, कोशिश करना मत छोड़िये और सही मौके का इंतजार करिये।

10- कठिन परिश्रम सफलता की गारंटी नहीं है लेकिन यह कठिन परिश्रम ही है जो इसे चैलेंजिंग बनाता है।

जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग क्या हैं

1- यह जानना कि आप किसी की खुशी का कारण हैं क्योंकि उन्होंने आपको अपने आंसुओं को पोछने के लिए चुना है, जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

2- यह जानना कि आप अकेले नहीं हैं और जीवन में आपने जिन चीजों चुना है वे सिंपल लेकिन यूनिक हैं, जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

3- यह जानना कि आपका दिल दूसरों के लिए प्यार से भरा हुआ है और कोई अपनी मुस्कान के लिए आप पर निर्भर है, जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

4- यह जानना कि कोई अपने निर्णयों के लिए आपकी तरफ देख रहा है और आपके कार्य किसी का भविष्य बना सकते हैं, जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

5- जब आप से पूरी तरह अनजान कोई व्यक्ति अचानक आपकी तारीफ करता है, तो यह जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

6- जब आप बदले में कुछ की उम्मीद किए बिना दूसरों की मदद करते हैं, तो यह जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

7- संघर्ष के कई सालों के बाद जब आप अंततः अपने माता-पिता को आरामदायक जीवनशैली देने के लिए पर्याप्त कमाई करने में सक्षम होते हैं, तो यह जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

8- दूसरों की आर्थिक या अन्य रूप में सहायता करना और किसी के सपनों को सच करने में मदद करना,जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

9- जब आप गाड़ी चला रहे हों और ठंडी हवा जब आपके चेहरे से गुजरती है,तो यह जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

10- अपने प्रियजनों के चेहरों को मुस्कुराते हुए देखना जब उन्हें आप स्पेशल महसूस कराते हैं, यह जीवन की कुछ सबसे अच्छी फीलिंग में से एक है।

मानवीय पर्सनाल्टी के कुछ रोचक तथ्य जिन्हें हमें जानना चाहिए

1- मुस्कुराते रहिये, यह आपके चेहरे की सुंदरता बढ़ाती है। एक अध्यन के अनुसार आपकी मुस्कुराहट बाहरी मेकअप की तुलना में करीब 69 प्रतिशत ज्यादा आकर्षक है।

2- दूसरे व्यक्ति आपकी तरफ ज्यादा आकर्षित तब होते हैं, जब आपकी बातें उन्हें हंसने या मुस्कुराने पर मजबूर कर देती हैं।

3-आप जितना सोचते हैं, आपके जूते उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। लोग अक्सर दूसरों के जूतों को देखकर उनके बारे में महत्वपूर्ण राय कायम कर लेते हैं।

4- जब आप जम्हाई लेते हैं और आपको देखकर कोई दूसरा व्यक्ति भी जम्हाई लेता है तो इसका मतलब है कि या तो वह व्यक्ति आपको घूर रहा था या फिर उसे आपमें कुछ इंट्रेस्ट है।

5- दूसरों के ऊपर हंसने से पहले दोबारा सोचिये। लोग जिन चीजों पर हंसते हैं उन पर गौर करने से ही उनके करेक्टर के बारे में आप बहुत कुछ अनुमान लगा सकते हैं।

6- जब आप अनिर्णय की स्थिति में हो तो एक सिक्का हवा में उछालिये ,जब सिक्का हवा में होता है तब अक्सर आपको यह महसूस होता है कि आप वास्तव में क्या चाहते हैं।

7- यदि आप यह जानना चाहते हैं कि सामने वाला आपकी बातों पर ध्यान दे रहा है या नहीं, तो बात करते समय अपनी बाहों को मोड़िये यदि सामने वाला भी एेसा करता है तो इसका अर्थ है कि वो आपकी बातों में इंट्रेस्ट ले रहा है।

8- आपके पंसदीदा गाने के बोल अक्सर उन बातों को व्यकत करते हैं जिन्हें दूसरों सेे कहने या अभिव्यक्त करने में आप कठिनाई महसूस करते हैं।

9- अगर आप किसी से कुछ जानना चाहते हैं, तो उनसे एक प्रश्न पूछिए और जब वे उसका उत्तर दे चुके हों, तब चुप रहिये और आंखों के संपर्क को बनाए रखिये। वे आपको कुछ और बताएंगे, लगभग सब कुछ बता देंगे।

10- जब आप किसी को किसी चीज़ के लिए मनाने की कोशिश करते हैं, तो सुनिश्चित करिये कि वे बैठे हों और आप खड़े हों। एेसा करने से उन्हें आप जल्द ही विश्वास होता है।

जीनियस पैदा होते हैं या फिर बनते हैं

एक बार किसान ने कुछ बीजों को बोने के लिए उन्हें अपने खेत में बिखेर रहा था, कुछ बीज खेत से बाहर गिर गए और पक्षियों ने उन्हें खा लिया।

कुछ बीज मेड़ के किनारे उथली मिट्टी पर गिरे, एेसे बीज जल्दी उगने लगे क्योंकि मिट्टी उथली थी लेकिन ये पौधे जल्द ही तेज धूप में कुम्हला गए और चूंकि उनकी जड़ें गहरी नहीं थीं, इसलिए वे जल्द ही मर गए।

कुछ बीज खेत के किनारे उगी हुई झाड़ियों में जा गिरे और उनकी ग्रोथ को खर-पतवार ने दबा दिया।

फिर भी अन्य बीज खेत की उपजाऊ मिट्टी पर गिर गए, और उन्होंने अपनी संख्या से करीब पचास गुना ज्यादा फसल का उत्पादन किया।

सभी इंसान प्रकृति से प्राप्त कुछ विशेष उपहारों के साथ पैदा होते हैं जिन्हें हम उनकी क्षमताएं कह सकते हैं।

ये क्षमताएं बीज की तरह होती हैं जो केवल उपजाऊ मिट्टी में लगाए जाने पर फसल का रूप ले सकती हैं और साथ ही उन्हें पानी, उर्वरक,कीटनाशक और विभिन्न प्रकार से देखभाल की आवश्यकता भी होती है।

जिन लोगों को हम आज जीनियस के रूप में जानते हैं ये वे लोग हैं जिनमें निस्संदेह रचनात्मकता, संगीत, इनोवेशन या दूसरे कुछ प्राकृतिक उपहार पहले से ही मौजूद थे।

हालांकि, दुनिया के हर देश में, हर काल में, लाखों लोगों में ऐसी क्षमताएं मौजूद होती है। लेकिन समस्या यह है कि सही वातावरण की कमी के कारण इन क्षमताओं को उनके द्वारा ठीक से पोषित नहीं किया जाता है।

सोचिए यदि आइंस्टीन भारत में पैदा हुए होते और एक सरकारी स्कूल में पढ़ते, तो क्या कभी वह उन अविष्कारों को अंजाम दे पाते जिनके लिए हम आज उन्हें जानते हैं या फिर सचिन तेंदुलकर इसी अवधि में जर्मनी में पैदा हुए होते, तो क्या फिर क्रिकेट की दुनिया को यह नायाब हीरा मिल पाता।

इसलिए, मेरी समझ से प्रतिभा केवल कुछ असाधारण उपहारों के साथ पैदा नहीं होती है, बल्कि उन्हें सही समय औ सही जगह का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है जो उन्हें अपनी क्षमताओं को विकसित करने और अपने उपहारों को दुनिया के साथ साझा करने का मौका देता है।

हर साल लाखों प्रतिभाशाली पैदा होते हैं और वे अज्ञात मर जाते हैं क्योंकि उनके उपहार के बीज कभी उपजाऊ मिट्टी में नहीं लगाए जाते हैं या फिर उन्हें अपने मेंटर द्वारा ठीक से विकसित नहीं किया जाता है।

जानिए ह्यूमन साइक्लोजी आपके बारे में क्या कहती है

1- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना बात के ही बहुत हंसता है तो इसका अर्थ है कि वह इंसान अंदर से बहुत अकेला है।

2- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार जब कोई व्यक्ति बहुत कम पर जल्दी-जल्दी बोलता है तो इसका अर्थ है कि वह आपसे कुछ छिपा रहा है।

3- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार जब कोई व्यक्ति असमान्य ढंग से और तेजी से खाना खाता है तो इसका अर्थ है कि वह व्यक्ति तनाव में है।

4- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार जब कोई व्यक्ति सच बोलता है तब वह बातें करते वक्त अपने हाथों का अत्याधिक प्रयोग अपने मनोभावों को प्रकट करने में करता है, जब कोई झूठ बोलता है तो बातें करते समय उसके हाथ बिल्कुल स्थिर रहते हैं।

5- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार स्वयं को यह समझाने की कोशिश करना आप किसी व्यक्ति की बिल्कुल परवाह नहीं करते हैं,इस बात का प्रमाण है कि आप उसकी परवाह करते हैं।

6- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार हमारी नाक का सीधा सबंध हमारे मस्तिष्क के स्मृति केन्द्र से होता है, यही कारण है कि कुछ गंध अक्सर हमारी पुरानी यादों को ताजा कर देती है।

7- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार जब आप अपने हाथों में किसी अपने का हाथ लेते हैं तो इसका आपके शारीरिक दर्द और मानसिक तनाव पर उतना ही असर होता है जितना कि किसी हाई डोज पेनकिलर दवा का होता है।

8- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार जब आप किसी व्यक्ति के बहुत करीब होते हैं तब आप उनके शब्दों को पढ़ते समय उनकी आवाज को अपने दिमाग में सुन सकते हैं।

9- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार जब आप किसी से अत्याधिक प्रेम करते हैं तो उनसे ज्यादा समय तक नाराज रहना असंभव है,यदि नाराजगी तीन दिन से ज्यादा बनी रहती है तो इसका अर्थ है कि आप उस व्यक्ति के साथ प्यार में नहीं थे।

10- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार हम किसी व्यक्ति पर पूरी तरह से भरोसा बस एक बार ही कर पाते हैं,एक बार भरोसा टूट जाने पर फिर पहले जैसी बात नहीं रह जाती है।

कुछ बातें जो इशारा करती हैं कि जीवन में सब-कुछ ठीक नहीं चल रहा है

1- जब आप कुछ नया सीखने के लिए उत्साह महसूस नहीं करते हैं और काम पर सिर्फ इसलिए जाते हैं ताकि आपको कंपनी द्वारा सैलरी मिलती रहे।

2- जब आपको सुबह उठने में कठिनाई महसूस होती है क्योंकि वर्तमान में आप जो कर रहे हैं उसे लेकर आप बिल्कुल भी उत्साहित नहीं हैं।

3- जब आपके पास जीवन में जो कुछ भी गलत हो रहा है उसके लिए कोई न कोई बहाना होता है।

4- जब आप सबकुछ कल पर टालने लगते हैं और वो कल कभी नहीं आता है।

5- जब आपको लगने लगता है कि आप जो कर रहे हैं वह वह नहीं है जिसे आप हमेशा करना चाहते थे।

6- जब आप परिवार के लिए कुछ समय नहीं निकाल पाते हैं। यकीन मानिए सिर्फ पैसे के पैसे के लिए परिवार से दूर रहने का आपको बाद में बहुत पछतावा होगा।

7- जब आपके दोस्त आपके साथ अपनी समस्याओं को साझा करना बंद कर देते हैं, इसका मतलब है कि आपने उनके विश्वास को खोया है।

8- जब आप नहीं जानते कि अपने क्रोध को कैसे नियंत्रित किया जाए, और जब आप अक्सर छोटी-छोटी चीजें और बातों पर भी क्रोधित हो जाते हैं।

9- जब आप अपनी कमजोरी को पहचान नहीं पाते हैं और आपको यह पता नहीं होता कि अपनी कमियों को दूर कैसे किया जा सकता है।

10- जब आप तनाव को बढ़ाने के लिए अपने दिमाग में निरंतर नकारात्मक बातों को भरते रहते हैं।

11- जब आप लगातार अपने स्वास्थ्य को अनदेखा करते हैं और आगाह करने पर भी अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं करते हैं।

कुछ गलतियां जिन्हें करने से हमें बचना चाहिए

1- किसी का कभी दिल मत दुखाइये, आपको एक दिन इसका हिसाब करना ही होगा। याद रखिए कि कर्म हमारा पीछा जिंदगी भर करते हैं और उनसे बच पाना नामुमकिन है।

2- अपने माता-पिता का अपमान कभी मत करिये न ही कभी उनका विश्वास तोड़िये। आपके बुरे वक्त के दौरान, जब आपका साया भी साथ छोड़ देता है, वे हमेशा आपके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

3- हमेशा लोगों को जज मत कीजिये, आप नहीं जानते कि सामने वाला किस तरह के संघर्षों से गुजर रहा है, आप किसी के कार्यों के पीछे पूरी कहानी कभी नहीं जान सकते हैं।

4- अपने आस-पास की हर चीज के बारे में शिकायत मत करिये। यदि आप उन्हें ठीक कर सकते हैं तो प्रयास कीजिए अन्यथा उनके साथ जीना सीख लीजिये।

5- अपनी गलतियों और कमियों को स्वीकार करने में संकोच मत कीजिये, एक बार जब आप उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तो कोई भी आपके खिलाफ उनका उपयोग नहीं कर सकता है।

6- बिना किसी सोचे -समझे के किसी और का अन्धा अनुकरण मत करिये, हो सकता है किसी दूसरे क्षेत्र में आपकी प्रतिभा दूसरों से बेहतर हो।

7- जहां तक हो सके किसी के लिए कठोर शब्दों का इस्तेमाल मत कीजिए। शब्द ऐसे गहरे घाव दे सकते हैं जिन्हें ठीक होने में मुश्किल होती है।

8- जीवन में उन लोगों को कभी अनदेखा मत कीजिए जो वास्तव में आपकी परवाह करते हैं। एेसे लोग ही आपकी वास्तविक संपत्ति हैं।

9- कभी भी अपना हौबी को मत छोड़िये, चाहे वह संगीत, नृत्य या कोई अन्य चीज हो। यह आपको अपने जीवन के सबसे मुश्किल समय में टूटने से बचाने में बहुत सहायक साबित होगा।

10- बार- बार सारी बोलने से बचिये, एेसा करने पर आप कम वास्तविक लगते हैं। आप जितनी ज्यादा बार सारी बोलेंगे सामने वाला व्यक्ति उसी अनुपात में आपको गलत समझेगा।

जिंदगी में हमें सबसे ज्यादा तकलीफ़ कब होती है

1- जब आप लगातार कई कंपनियों में नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं लेकिन साक्षात्कार में भाग लेने के लिए कहीं से भी कोई कॉल नहीं आती है ,तब तकलीफ़ होती है।

2- जब आप अपने काम में बहुत मेहनत करते हैं लेकिन फिर भी सैलरी नहीं बढ़ती और प्रमोशन नहीं मिलता है, तब तकलीफ़ होती है।

3- जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से प्यार करते हैं जो आपको अस्वीकार कर देता है और आपकी अपेक्षा अधिक सफल व्यक्ति को पसंद करता है। लेकिन आप फिर भी, उसकी मुस्कुराहट, बातों और उसे मिस करते हैं, तब तकलीफ़ होती है।

4- जब आप हमेशा लोगों से घिरे होते हैं लेकिन फिर भी आपको अपने दुखों और परेशानियोंं को साझा करने के लिए कोई नहीं मिलता है,तब तकलीफ़ होती है।

5- जब आप किसी पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं और जब वह भरोसा तोड़ता है,तब तकलीफ़ होती है।

6- जब आप किसी से बहुत प्यार करते हैं पर उसके जन्मदिन पर उसे मनचाहा उपहार नहीं दे पाते हैं क्योंकि आप पैसे से कम हैं, तब तकलीफ़ होती है।

7- जब आप देखते हैं कि आपके पिता बीमार हैं लेकिन आप बेरोजगारी के कारण मंहगे अस्पताल का खर्चा नहीं उठा सकते हैं, तब तकलीफ़ होती है।

8- जब आप दूसरों की मदद करना चाहते हैं लेकिन कोई भी इसे नहीं चाहता है, तब तकलीफ़ होती है।

9- जब आप किसी व्यक्ति की जान से भी ज्यादा परवाह करते हैं, लेकिन वह आपकी उपेक्षा करता है, तब तकलीफ़ होती है।

10- जब आप हँसना चाहते हैं लेकिन आपको गहरी सांस लेनी पड़ती है, तब तकलीफ़ होती है।

अति हर चीज की बुरी होती है

काम और सामर्थ्य के बीच संतुलन आवश्यक है। क्षमता कम हो और काम ज्यादा तो शरीर और मन पर दबाव पड़ता है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसकी परिणति अनेक प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक विकृति के रूप में होती है। लाइफस्टाइल डिसआर्डर, मेंटल डिसआर्डर आदि इसी असंतुलन की देन हैं।

जीवन एक संघर्ष है। जिंदगी की सफलता कठिनाइयों से भागने में नहीं अपितु उनसे जूझने में है। सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है, हर किसी को अपने हिस्से का संघर्ष करना पड़ता है। जिंदगी की लड़ाई लड़ने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना बेहद जरूरी है।

आसान विकल्प चुनने की भविष्य में भारी कीमत चुकानी पड़ती है। काम से भागने वाला व्यक्ति आलसी और प्रमादी हो जाता है। जिंदगी में कुछ ठोस न कर पाने के कारण वह गहरी उदासी में चला जाता है। उसे अपना जीवन एक बोझ लगने लगता है और एेसे पलायनवादी व्यक्ति प्रायः नशे के दलदल में फंसकर अपने जीवन को नष्ट कर लेते हैं।

जिंदगी में महत्वाकांक्षी होना चाहिए पर अति महत्वाकांक्षी होना भी ठीक नहीं है। अति महत्वाकांक्षी व्यक्ति का अस्थिर और चंचल होता है। एेसे व्यक्ति किसी काम को अतिशीघ्र कर लेना चाहते हैं ताकि जल्दी से दूसरे काम को शुरू किया जा सके।

जल्दबाजी में किये गये काम की सफलता संदिग्ध रहती है क्योंकि किसी भी काम की सफलता के लिए शरीर और मन दोनों में तालमेल आवश्यक है। अति महत्वाकांक्षी व्यक्तियों में नर्वस सिस्टम हाइपर एक्टिव रहता है जिससे शरीर और मन के बीच असंतुलन पैदा होता है और इसकी परिणति हाइपरटेंशन और शुगर जैसी बीमारियों के रूप में होती है।

काम और कठोर परिश्रम जीवन के आधार हैं पर अति किसी भी बात की बुरी होती है। काम न करने की मनोदशा से ऊपर उठना चाहिए और काम की बहुत अधिकता से भी बचना चाहिए। दोनों ही स्थितियां हानिकारक हैं।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार नियत समय पर योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य प्रसन्नता प्रदान करता है और कार्य के प्रति उत्साह को बनाए रखता है। काम के साथ समय का संतुलन भी सफलता और असफलता के बीच एक मुख्य कारण है।