किसी व्यक्ति के लिए दुनिया में सबसे आसान काम क्या है ?

1- खुद की निजी परेशानियों पर ध्यान ना देकर अपनी कमियों का कुसूरवार दूसरों को ठहराना।

2- मोबाइल पर दिन भर बेवजह व्यस्त रहना और बिना मांगे दूसरों को मुफ्त में सलाह देते रहना।

3- माता -पिता के द्वारा दी गयीं सुख सुविधाओं का उपभोग करना और स्वयं के कंधों पर बोझ आने पर जिम्मेदारियों से भागना।

4- अपनी प्रशंसा स्वयं करना और दूसरों के कार्यों में हमेशा गलतियों को निकालना।

5- बात- बात पर झूठ बोलना और कार्य न करने के लिए लिये बहाने बनाना।

6- पहली मुलाकात के आधार पर किसी व्यक्ति के लिए धारणा बना लेना और एक तरफ़ा प्रेम में पड़कर खुद को बर्बाद कर लेना।

7- किये हुए वादे तोड़ देना और अपनी गलतियों के लिए किसी और को ज़िम्मेदार ठहराकर कहीं का गुस्सा कहीं और उतारना।

8- बिना कुछ जाने बिना कुछ समझे बड़ी आसानी से दूसरों को अपने आइने से तोल लेना और उसी हिसाब से दूसरों को उपदेश देते रहना।

9- नियमों को तोड़ना, चलता है कहकर चुप हो जाना और हर काम के लिए सरकार को दोष देना।

10- लोगों को नीचा दिखाने हेतु, उनके आत्मविश्वास पर हमला करना, बेवजह उन्हें कटु शब्दों से अपमानित करना।

11- किसी को गलत राय देकर दूसरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करना।

जानिए अपने अवचेतन मन की ताकत को

अवचेतन मन जिसे अंग्रेजी में subconscious mind कहा जाता है, यह वह मानसिक स्तर है जो न ही पूर्णतः चेतन होता है ना ही पूर्णतः अचेतन। हमारे अवचेतन मन में जो भी विचार होते है वे चेतन स्तर पर नहीं कार्यरत होते हैं फिर भी वह हमारे व्यवहार को प्रभावित कर रहे होते हैं।

हमारी जो आदतें हैं वो बिना चेतन के अधिक प्रयास के स्वयं संचालित होती हैं। आप गाड़ी चलाने में परफेक्ट है तो अब आपको गाड़ी के गियर बदलने में अधिक प्रयास नहीं करना पडता, आप बातें करते हुए भी आसानी से गाड़ी चला पाते हैं या कहें चीजें आटोमेटिक होने लगती है क्योंकि यह आपके अवचेतन मन में होती है।

जब हम बच्चों को पहली बार चलना या फिर थोड़े बड़े होकर लिखना सिखाते हैं तो वे पहली बार डर कर चलते हैं इसी प्रकार लिखना भी सीखते समय पहले मुश्किल लगता है फिर धीरे धीरे ये सब उनके अचेतन मन में store हो जाता है तो अंगुलियों स्वतः ही लिखने लगती हैं।

फ्रायड ने मन को तीन हिस्सों में बांटा है- चेतन, अवचेतन तथा अचेतन। अवचेतन मन हमारे मन का एक बड़ा हिस्सा है, यह चेतन व अचेतन के बीच पुल का कार्य करता है। अवचेतन मन को अत्यधिक शक्तिशाली भी बताया गया है। माना जाता है अगर आप अपने अवचेतन मन को कंट्रोल कर पाते हैं तो आप कुछ भी कर सकते हैं।

अवचेतन मन को जगाना बहुत मुश्किल नहीं है इसके लिए आपको शुरुआत में अपने विचारों को संयमित करना होगा और विचारों की सकारात्मकता के प्रति सजग बने रहना होगा, बिल्कुल उसी तरह जिस तरह आप पहली बार साइकिल चलाते समय सजग और सावधान बने रहे थे क्योंकि आप जानते थे कि ज़रा सा ध्यान हटा तो आप साइकिल से गिर जाएंगे और आपको चोट लग जायेगी।

इसी तरह आपके विचारों में ज़रा सी भी नकारात्मकता आने लगी तो आपके यही विचार अवचेतन मन में स्थायी हो जायेंगे और आपका अवचेतन मन इन्हें सच करने में जुट जाएगा और इन निगेटिव विचारों के परिणाम अच्छे नहीं निकलेंगे।

कोई भी बात या कार्य दोहराते रहने से, अवचेतन मन का हिस्सा बन जाता है। इसका अर्थ ये हुआ कि आप अपने जीवन में जिस तरह के सुधार या बदलाव चाहते हैं, जिस स्तर की सफलता हासिल करना चाहते, उन्हें अपने मन में दोहराते रहिये और ऐसा करते समय ध्यान रखिये कि शक्तिशाली विचार ही अवचेतन मन में अपनी जगह बना सकता है इसलिए विचार का दृढ़ होना बेहद ज़रूरी है।

पूरे यकीन के साथ स्पष्ट तरीके से दोहराया गया विचार निश्चित रूप से सच का रूप ले लेगा क्योंकि ऐसा कोई भी कार्य नहीं है जिसे पूरा करना अवचेतन मन की सामर्थ्य से बाहर हो।

जिंदगी के कुछ कड़वे सच जिन्हें हम अक्सर इग्नोर करते हैं

1- हम एक असली दुनिया में रह रहे हैं और असली दुनिया आदर्शों से बहुत दूर होती है।

2- हमें विश्वासघात अक्सर उन लोगों से मिलता है जिन पर हम सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।

3- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने अच्छे इंसान हैं, कुछ बार आपका दिल जरूर टूटेगा। अच्छी बात यह है कि समय के साथ सबकुछ ठीक हो जाता है और आप पहले से बेहतर और मजबूत हो जाएंगे।

4- जीवन निष्पक्ष नहीं है यहां बहुत से ऐसे कड़ी मेहनत करने वाले लोग हैं जो गरीबी और मुफलिसी का जीवन जी रहे हैं वहीं दूसरी ओर मूर्ख और आलसी लोग जीवन की सर्वश्रेष्ठ लक्जरी का आनंद ले रहे हैं।

5- आप लोगों से आपके साथ अच्छा व्यवहार करने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। उम्मीद टूटने पर तकलीफ होती है लेकिन जीवन में आप लोगों से उम्मीद रखना भी छोड़ नहीं सकते हैं।

6- कोई भी कमजोर इंसान से प्यार नहीं करता है। शुरूआती दिनों में लोग आपसे सहानुभूति दिखाएंगे, लेकिन बाद में आप उनके लिए बोझ बन जाएंगे।

7- हर बार कर्म का नियम काम नहीं करता है। कभी-कभी आपको अपने अच्छे कर्मों के लिए बुराई का सामना करना पड़ता है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अच्छे कर्मों को करना बंद कर दिया जाए।

8- जीवन में सब कुछ एक्सपायरी डेट के साथ आता है चाहे वह आपकी खुशियां हों या फिर दुख यहां सबकुछ अस्थायी है।

9- आपके माता-पिता हमेशा आपके साथ नहीं होंगे। उनके साथ कुछ समय बिताएं और उनकी खुशी के लिए कुछ जरूर करिये ।

10- जब आप सोचते हैं कि आखिरकार सब कुछ ठीक हो गया है, तब जिंदगी हमेशा आपको झटका देकर एक बार फिर से उलझा देती है।

जिंदगी के कुछ मुश्किल सच क्या हैं

1- जीवन में जितनी अधिक असफलताओं का अनुभव आप करेंगे आप उतने ही अधिक परिपक्व हो जाएंगे।

2- भारत जैसे हमारे देश में जहां लोगों का एक बड़ा वर्ग गरीबी और बुनियादी सुविधाओं के बिना रहता है, वहां सबके साथ न्याय होना एक सपने जैसा है।

3- हर जगह कुछ एेसी महिलाएं हैं जो अन्य पुरुष सहकर्मियों से अपना काम निकालने के लिए अपनी सुंदरता और आकर्षण का उपयोग करती हैं।

4- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितनी अच्छी चीजें करते हैं, हमेशा कुछ ऐसे लोग होते हैं जो आपको परेशान और पीड़ित देखना चाहते हैं।

5- लोग कभी भी उनके द्वारा दूसरों को पंहुचाए गए नुकसान को नहीं समझेंगे जब तक कि उनके साथ ऐसा नहीं हो जाता है।

6- आप जिस तरह से योजना बनाते हैं, जीवन वैसे कभी नहीं चलता है। यह आपको सर्वोत्तम पुरस्कार प्रदान करने से पहले कठिनतम स्तर पर आपकी परीक्षा लेता है।

7- अधिकांश लोग जीवन के युद्ध के मैदान से तब भागते हैं जब वे अपनी जीत के करीब होते हैं क्योंकि उस समय उनके विश्वास, धैर्य, धीरज और लगन उच्चतम स्तर पर टेस्ट किए जाते हैं।

8- प्रत्येक व्यक्ति के पास अपनी कहानी कहने के लिए होती है, लेकिन हर कोई अपनी कहानी दुनिया को बताने में सक्षम नहीं होता है।

9- झूठ बोलना हमेशा गलत नहीं होता है। कभी-कभी आप किसी को चोट न पहुंचाने के लिए झूठ बोलते हैं।

10- लोग सोचते हैं स्मार्ट काम करने का मतलब कड़ी मेहनत को कम करना है,लेकिन जिंदगी में कुछ भी आसान नहीं होता है कड़ी मेहनत का महत्व कभी कम नहीं होता है।

हम जीवन में प्यार क्यों चाहते हैं

लड़का- मुझे लगता है कि मैं प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा नहीं कर पाउंगा और मुझे अच्छा स्कोर नहीं मिलेगा।

पिता- निश्चित रूप से, तुम अच्छा करोगे। खुद में विश्वास करो, सभी अनावश्यक गतिविधियों से ध्यान को हटाओ, कड़ी मेहनत करो और सोशल साइट्स एवं टी.वी.पर कम समय बिताओ।

लड़की- मुझे इस खतरनाक बांस के पुल को पार करने से डर लगता है।

लड़का- चिंता मत करो, बस मजबूती से मेरा हाथ पकड़ो हम इस पुल को एक साथ पार कर लेंगे।

लड़की- मैं इस अजनबी शहर में बहुत अकेला महसूस करती हूँ। यहां हर कोई अपने जीवन में व्यस्त है। मुझे अपने शहर और घर की बहुत याद आती है।

मां– कभी अकेला महसूस मत करना, मैं हमेशा तुम्हारे पास हूं चाहे तुम याद करो या न करो तुम हमेशा मेरे ध्यान में रहती हो।

पत्नी- मैं घर और आफिस के दबाव को संभाल नहीं पा रही हूं। मुझे लगता है कि मैं पागल हो जाउंगी।

पति- आफिस से थोडे दिन का ले लो। एक रूटीन तैयार करो। जरूरी काम को प्राथमिकता दो। ध्यान और योग का अभ्यास करो। तुम दबाव का सामना करने में सक्षम होगी।

प्रेमी- मैं एक और नौकरी के इंटरव्यू में असफल रहा हूं। यह हालत बहुत तकलीफ देती है। क्या तुम इस बेरोजगार लड़के के लिए अगले दो वर्षों तक इंतजार करोगी?

प्रेमिका- तुमको अपने सपनों का काम बहुत जल्द मिल जाएगा। मैं सारा जीवन यहां तक कि मरने के बाद भी तुम्हारा इंतज़ार करूँगी।

लड़का- आज रिजल्ट आ गया है। मुझे नौकरी मिल गयी है। जब बेरोजगारी के दौरान पूरी दुनिया मेरे खिलाफ थी, तो तुम अकेली थी जिसे मुझ पर विश्वास था। आज मैंने खुद को साबित कर दिया है।

लड़की- मुझे पता था कि तुम्हें अच्छी नौकरी मिल जाएगी। तुम्हारे पास प्रतिभा, दृढ़ता, रचनात्मकता और सकारात्मक दृष्टिकोण है। तुम जिम्मेदार, केयरिंग और अच्छे इंसान हो।

यह अद्भभुत है जब आप जानते हैं कि आपके जीवन में हमेशा कोई ऐसा व्यक्ति है जो आपकी निराशा को सुनने और आपकी खुशी को साझा करने के लिए हमेशा तैयार होता है। प्यार दिल की धड़कन की तरह है जो आपको जिंदा बनाए रखता है, यह आपको विनम्र बनाता है और जीवन में कुछ हासिल करने के लिए प्रेरित करता है। यह तथ्य है कि इसके आभाव में जीवन मुरझा जाता है। शायद यही कारण है कि जिंदगी में हमें हमेशा प्यार की ज़रूरत पड़ती है।

जीवन में आत्मसम्मान का होना क्यों जरूरी है

एक भिखारी एक स्टेशन पर कटोरा लेकर बैठा हुआ था उसके पास में एक बांसुरी भी ऱखी हुई थी। लोग आते और उनमें से कुछ रूक कर कटोरे में पैसा डालकर आगे बढ़ जाते। एक युवा व्यवसायी उधर से गुजरा और उसने कटोरे मे 50 रूपये डाल दिये, उसके बाद वह ट्रेन मे बैठ गया। ट्रेन चलने ही वाली थी वह कि वह व्यवसायी एकाएक ट्रेन से उतर कर भिखारी के पास लौटा और बांसुरी उठा कर बोला, “मै कुछ धुन सुनूंगा। तुम्हारी बांसुरी की धुनों की कुछ कीमत है, आखिरकार तुम भी एक व्यापारी हो और मै भी।” उसके बाद वह युवा तेजी से ट्रेन मे चढ़ गया।

कुछ वर्षों बाद, वह युवा व्यवसायी एक बिजनेस समारोह में हिस्सा लेने दूसरे शहर गया। उस समारोह में वह भिखारी भी मौजूद था। भिखारी ने उस व्यवसायी को देखते ही पहचान लिया, वह उसके पास जाकर बोला- आप शायद मुझे नही पहचान रहे है, लेकिन मै आपको पहचानता हूँ। उसके बाद उसने उसके साथ घटी उस घटना का जिक्र किया। व्यवसायी ने कहा- तुम्हारे याद दिलाने पर मुझे याद आ रहा है कि तुम स्टेशन पर भीख मांग रहे थे। लेकिन तुम यहाँ सूट और टाई मे क्या कर रहे हो?

भिखारी ने जवाब दिया, आपको शायद मालूम नही है कि आपने मेरे लिए उस दिन क्या किया। मुझे पर दया करने की बजाय आप मेरे साथ सम्मान के साथ पेश आये। आपने मेरी बांसुरी उठाकर कहा कि मेरी धुनों की कुछ कीमत है, आपके जाने के बाद मैँने बहूत सोचा, मै यहाँ क्या कर रहा हूँ? मै भीख क्योँ माँग रहा हूँ? मैने अपनी जिदगी को सँवारने के लिये कुछ अच्छा काम करने का फैसला लिया। मैने अपनी बांसुरी उठायी और घूम-घूम कर अपनी प्रस्तुति देने लगा। धीरे -धीरे मेरी मेहनत रंग लायी, पारखी लोगों की नजर मुझ पर पड़ी और मुझे अच्छा काम मिलने लगा। आज मैं यहां इस समारोह में अपनी प्रस्तुति देने आया हूँ।

मुझे मेरा सम्मान लौटाने के लिये मै आपका तहेदिल से धन्यवाद क्योंकि उस घटना ने मेरी जिंदगी को ही बदल दिया।

आप अपने बारे मे क्या सोचते है? खुद के लिये आप स्वयं क्या राय रखते हैं ? इन सारी चीजो को ही हम अप्रत्यक्ष रूप से आत्मसम्मान कहते हैं। दुसरे लोग हमारे बारे मे क्या सोचते है ये बाते उतनी मायने नहीँ रखती लेकिन आप अपने बारे में क्या सोचते हैं ये बात बहूत मायने रखती है।

यह बात सत्य है कि हम अपने बारे मे जो भी सोचते हैँ, उसका एहसास जाने अनजाने मे दुसरो को भी करा ही देते हैं और इसमे कोई भी शक नही कि इसी कारण की वजह से दूसरे लोग भी हमारे साथ उसी ढंग से पेश आते हैं।

आत्म-सम्मान ही वह वजह है जिससे हमारे अंदर प्रेरणा पैदा होती है। इसलिए आवश्यक है कि हम अपने बारे मे एक बेहतर राय बनाएं और आत्मसम्मान के साथ जीवन जिएं।

हमारे जीवन के कुछ कठोर सच क्या हैं

1- अभी वर्तमान में आप जो जीवन जी रहे हैं वह कई लोगों के लिए एक सपना है। हर किसी के पास अपने जीवन का गुजारा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। हर किसी के पास परिवार और मित्र नहीं हैं जो उनकी परवाह करते हों। हमारे देश में बहुत सारे लोग हैं जो अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करते हैं।

2- हम चीजों को वैसे नहीं देखते हैं जैसी वे हैं बल्कि हम चीजें को वैसे देखते हैं जैसे हम हैं। सब कुछ हमारी धारणा पर निर्भर करता है। एक ही चीज किसी के लिए सुख तो किसी के लिए दुख का कारण बनती है।

3- जीवन में दूसरों को सलाह देना आसान है पर किसी को विपरीत स्थिति से बाहर निकलने में मदद करना मुश्किल है। किसी को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने के लिए सलाह से अधिक भी बहुत कुछ करना पड़ता है।

4- जीवन में सब-कुछ फेयर नहीं होता। यदि आप किसी चीज़ में अच्छे हैं तो हमेशा आपसे भी बेहतर कोई जरूर होगा। इस सत्य को स्वीकार कीजिए और इसके साथ जीना सीखिये।

5- यह दुनिया स्वार्थी है। अधिकांश लोग केवल उसमें रुचि रखते हैं जो वह आपसे प्राप्त कर सकते हैं या फिर जिससे किसी भी तरह से लाभ उठा सकते हैं।

6- आपका बाहरी पर्सनाल्टी बहुत महत्वपूर्ण है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अंदर से कितने अच्छे हैं। चाहे आपके रिश्तेदार हों या फिर आफिस के सहयोगी, लोग आपको आपके बाहरी व्यक्तित्व के आधार पर जज करेंगे।

7- लोग आपको अपनी प्राथमिकता सूची में बदलते रहते हैं । समय, दूरियां और परिस्थितियां लोगों को प्रभावित करती हैं। इस बात को हम दिल पर ले सकते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, यह जीवन है जहां सब-कुछ परिवर्तनशील है।

8- आप अपने जीवन के सबसे कठिन समय में अकेले होंगे और यह समय आपको बुद्धिमान, परिपक्व और निडर बना देगा।

9- कुछ भी हमेशा के लिए रहता है आपकी समस्याएं, आपके आस-पास के लोग, आपका काम, नए रिश्ते सब कुछ किसी न किसी दिन खत्म हो जाएगा।

10- जिंदगी में अक्सर आपका दिमाग क्या सोचता है और आपका दिल क्या चाहता है, वह पूरी तरह से अलग हो सकता है।

सोशल साइक्लोजी के कुछ रोचक तथ्य क्या हैं

1- अपनी आवाज ऊंची मत कीजिए बल्कि अपना तर्क सुधारिए। किसी बहस में सफल होने का सबसे शक्तिशाली तरीका सही प्रश्न पूछना है। यह लोगों को उनके तर्क में त्रुटियों को देखने पर मजबूर कर देता है।

2- लोग आम तौर पर ऐसी चीजों की तलाश करते हैं जो उनकी मौजूदा मान्यताओं की पुष्टि करती है और उन जानकारियों को अनदेखा करते हैं जो उनकी सोच के विपरीत हैं। समाजिक मनोविज्ञान में इसे उम्मीद की पुष्टि के रूप में जाना जाता है।

3- अन्य लोगों की उपस्थिति हमारे व्यवहार पर शक्तिशाली प्रभाव डालती है। जब लोगों को पता होता है कि उन्हें देखा जा रहा है, तो वे बेहतर व्यवहार करते हैं। यहां तक कि दूसरों द्वारा देखे जाने का भ्रम भी लोगों को बेहतर व्यवहार करने के लिए प्रेरित करता है।

4- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार एेसे लोग जो सार्वजनिक स्थानों या भीड़ भरी जगहों पर घूमते समय अपनी जेब में हाथ डाले रखना पसंद करते हैं वे आम तौर पर अंतर्मुखी या शर्मीले होते हैं।

5- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार शर्मीले और अन्तरमुखी स्वभाव के लोगों के पास दूसरों को आब्जर्व करने का महान कौशल होता है, जिसके कारण किसी समस्या के मूल को पहचानने में वे दूसरों की तुलना में अधिक कुशल होते हैं।

6- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार हम सफल और अमीर लोगों को अधिक समझदार और बुद्धिमान मानते हैं और इसके विपरीत को भी सच समझते हैं।

7- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार दूसरों से हमारी उम्मीदें इस बात को प्रभावित करती हैं कि हम दूसरों को कैसे देखते हैं और सोचते हैं कि उन्हें कैसे व्यवहार करना चाहिए।

8- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार दूसरों के बारे में कोई व्यक्ति आपसे क्या बोलता है उस पर ध्यान दीजिए क्योंकि दूसरोंं से वह आपके बारे में ठीक वैसे ही बात करेंगे।

9- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार दूसरों की आकर्षक वेशभूषा और व्यवहार आपको आसानी से भ्रमित कर सकता है क्योंकि आमतौर पर लोग ईमानदारी से अधिक भरोसा वाह्य वेशभूषा और बातों पर करते हैं।

10- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार सोशल मीडिया पर दूसरों की पोस्ट की गयी तस्वीरों को देखने से लोग को उदास महसूस होता है क्योंकि इससे उन्हें विश्वास होता है कि उनके मित्र और परिवार के लोग उनसे ज्यादा खुश हैं। हालांकि तथ्य यह है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले लोग भी ऐसा ही महसूस करते हैं।

जीवन के कुछ महत्वपूर्ण सबक क्या हैं जिन्हें जिंदगी ने अब तक सिखाया है

1- आपके माता-पिता ही वह शख्स हैं जो आपको सारा जीवन समान रूप से प्रेम करते रहेंगें, भले ही आप कितनी गलतियां भी करते हों या फिर उनका अपमान करते हों।

2- जीवन अप्रत्याशित है। चीजें हमेशा वैसी नहीं होती हैं जैसी कि हमने योजना बनाई है। जीवन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कीजिए और अप्रत्याशित परिणामों के लिए तैयार रहिये।

3- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने अच्छे हैं, लोग हमेशा आपको अपने नजरिये के अनुसार जज करेंगे और लोगों के नजरिये को बदल पाना बहुत मुश्किल है।

4- याद रखिये कि जीवन मेंं हर चीज किसी कारण से होती है, उम्मीदों का साथ कभी मत छोड़िए, आपका कड़ी मेहनत एक दिन अवश्य रंग लाएगी।

5- जिंदगी में कभी-कभी आगे बढ़ना बहुत मुश्किल होता है लेकिन एक बार जब आप आगे बढ़ जाते हैं, तब आपको पता चलता है कि शायद यह आपके द्वारा लिया गया सबसे अच्छा निर्णय था।

6- इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके कितने अनुभवी हैं और उन अनुभवों ने आपको क्या सिखाया है, जीवन हमेशा आपको एक अप्रत्याशित झटका देता है जिसके लिए अक्सर आप तैयार नहीं होते हैं।

7- जीतने के लिए हिम्मत कभी मत खोइये। आप हमेशा एक नई शुरुआत कर सकते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना मुश्किल लगता है।

8- लोगों में विश्वास रखिये आपका प्यार उन्हें बदल सकता है।

9- लोगों को जज मत कीजिए उनके अपने कुछ कारण हैं, यहां तक कि एक अशिक्षित व्यक्ति भी आपको बहुत कुछ सिखा सकता है।

10- जीवन के सबसे साधारण पलों में अक्सर सबसे बड़ी खुशियां छिपी होती हैं।

11- जो बीत गया वो आपके दिमाग में है और जो होना है वो आपके हाथ में है।

12- समय के साथ प्राथमिकताएं बदलतीं हैं, विफलताओं से मत डरिये, कभी-कभी असफल होने का मतलब सीखने में पहला प्रयास होता है।

खुद पर यकीन होना क्यों जरूरी है

आज जो हमारे पास है वह कल हमारे पास नहीं होने की संभावना ही सारे भय की जड़ है। अपने बुने हुए भय के जाल से बचने की कोशिश हम जीवन भर करते रहते हैं, पूरे जीवन भागदौड़ करते हैं पर अपने बुने हुए भय के बाहर निकल नहीं पाते।

एक दिन रास्ते में सड़क के किनारे बंधे एक हाथी को देखा,उसके पैरों में रस्सी बंधी थी। यह देखकर आश्चर्य हुआ कि हाथी जैसा विशाल जानवर केवल एक छोटी सी रस्सी से बंधा था। हाथी इस बंधन को जब चाहे तब तोड़ सकता था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर रहा था।

जब हाथी के ट्रेनर से पूछा कि तो उसने बताया एेसे हाथियों को बचपन से ही रस्सियों से बांधा जाता है। उस समय इनके पास इतनी शक्ति नहीं होती कि वे इन रस्सियों को तोड़ सकें। बार-बार प्रयास करने के बाद जब ये रस्सियों नहीं टूटती तो इन्हें यकीन हो जाता है कि वे इन रस्सियों को नहीं तोड़ सकते और बड़े होने के बाद भी उनका यह यकीन बना रहता है इसलिए वो रस्सी तोडऩे का प्रयास ही नहीं करते हैं।

दूसरी तरफ विज्ञान का ऐसा मानना है कि भंवरे उड़ नहीं सकते, लेकिन भंवरे को लगता है कि वो उड़ सकता है, इसलिए वह लगातार कोशिश करता है और बार-बार असफल होने पर भी वह हार नहीं मानता। आखिरकार भंवरा उडऩे में सफल हो ही जाता है।

लोग हमें बताते हैं कि यह मत करो, वो मत करो, तुमसे ये नहीं होगा, वो नहीं होगा। कभी-कभी हम कोशिश भी करते हैं और अगर असफल हो गए तो हमें यकीन हो जाता है कि यह काम नहीं हो पाएगा। फिर धीरे-धीरे यही बातें हमारे विचारों और बिहेवियर को कंट्रोल करने लगती हैं और हम प्रयास करना छोड़ देते हैं।

यह सच है कि जीवन में सब कुछ हमारे हाथ में नहीं होता है पर जीवन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है उन बातों पर ध्यान देना जो हमारे हाथ में हैं प्रयास करना ही हमारे वश में है इसलिए हमें ज्यादा सोचना छोड़कर बस प्रयास करते रहना चाहिए और खुद हर परिस्थिति में खुद पर यकीन बनाए रखना चाहिये।

भंवरा मानता है कि वह उड़ सकता है, इसलिए वह उड़ पाता है जबकि हाथी मानता है कि वह रस्सी नहीं तोड़ सकता, इसलिए वह रस्सी को नहीं तोड़ पाता है। यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है।