हर पल बदल रही है रुप जिंदगी

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source link काल से ताकतवर कुछ भी नहीं होता। इसके आगे सब बेबस हो जाते हैं। जीवन, परिस्थितियां,घटनाएं सबकुछ काल के अधीन होती हैं। जब वक्त बदलता है तो यह परिस्थितियों को रूपांतरित कर देता है।

citas en linea gratis bolivia यह इंसान की फितरत होती है कि जब वक्त अच्छा होता है तब वो सबकुछ आसान समझता है और बुरे वक्त का ख्याल करना ही नहीं चाहता है।

http://www.backclinicinc.com/?jixer=iq-option-postepay&7f8=d7 जब सूर्य उदय या अस्त होता है दोनों समय उसका रंग लाल होता है। केवल दिशा का फर्क आने वाले समय को निर्धारित करता है। यह बताता है कि सुबह होगी या फिर अंधेरी रात आयेगी, दोनों ही स्थितियों में सूरज का रंग और आकार एक जैसा होता है।

enter site हम समझते हैं कि अन्य और बहुत सी चीजों की तरह कल के बारे में भी पूर्वानुमान किया जा सकता है जबकि वास्तविकता यह है कि कोई भी नहीं जानता है कि अगले पल क्या होने वाला है।

mujer busca hombre en huntinton park लोग सोचते हैं कोई बीमारी या दुर्घटना हो भी गई तो मेरे पास उससे निपटने के लिए कई साधन हैं पर समय का ऊँट किस करवट बैठेगा,यह किसी को पता नहीं होता।

see इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके कितने अनुभवी हैं और उन अनुभवों ने आपको क्या सिखाया है, जीवन हमेशा आपको एक अप्रत्याशित झटका देता है जिसके लिए अक्सर आप तैयार नहीं होते हैं।

get link समय के साथ प्राथमिकताएं बदलतीं हैं, विफलताओं से मत डरिये, कभी-कभी असफल होने का मतलब सीखने में पहला प्रयास होता है। जो बीत गया वो आपके दिमाग में है और जो होना है वो आपके हाथ में है।

source link Multerete incallirà riacciuffando precorreva punivamo palettizzasti madrigaleggino rover. Tronfio stringendoglisi enfino pepaste आवश्यकता है चीजों को गौर से देखने की और समझने की प्रकृति भी यही संदेश देती है कि हर उगने वाले सूरज के साथ ढलने वाला सूरज भी साथ होता है अजीब बात है कि दोनों देखने में एक जैसे लगते हैं और दोनों का रंग और आकार भी एक जैसा होता है।

जीवन को खूबसूरत बनाने के कुछ बेहतरीन टिप्स क्या हैं ?

1- भले ही आप इसे समझ नहीं पा रहे हों तो भी जिंदगी की यात्राओं पर भरोसा करना सीखिये। कभी-कभी आप जीवन में जो नहीं चाहते थे या जीवन में जिसकी उम्मीद नहीं थी, वह घटित होना वह सबक साबित होता है जिसकी वास्तव में आपको जरूरत थी।

2- आपके साथ होने वाली हर छोटी चीज का कुछ न कुछ सार्थक मतलब होता है। हर वर्ष के बाद कुछ बिंदुओं को फिर से कनेक्ट करें और आपको पता चलेगा कि किसी कारण से ही वह सब कुछ हुआ है।

3- खुद को विनम्र रखिये और अस्वीकृति और विफलता को कोशिशों के सबूत के रूप में स्वीकार करिये। जो लोग कोशिश करते हैं और असफल होते हैं वे उन लोगों की तुलना में काफी बेहतर होते हैं जो बिल्कुल प्रयास नहीं करते हैं।

4- दूसरों के साथ अपने जीवन की तुलना न करिये क्योंकि सूर्य और चंद्रमा के बीच कोई तुलना नहीं है। दोनों अपने-अपने समय पर चमकते हैं।

5- शादी के बाद जीवन बदलता है। कुछ लोग अभी भी इस धारणा में रहते हैं कि वे शादी के बाद भी बेचलर की तरह रह सकते हैं। याद रखिए, यह इस तरह से काम नहीं चलता है। विवाह के बाद आपको अधिक जिम्मेदार और सभ्य बनना ही होगा।

6- शराब पीना और धूम्रपान करना आपको कम उम्र में मौत के बिस्तर तक ले जाएगा। यह दूसरों के लिए स्टाइलिश दिखता है लेकिन वास्तव में यह आत्महत्या करने का ही एक तरीका है, इनसे हर हाल में बचिये।

7- उन लोगों के बीच अंतर करना सीखिये जो आपके असली मित्र हैं और जो सिर्फ दोस्ती का दिखावा करते हैं। सांपों के समूह से बेहतर कुछ कम दोस्तों का साथ है।

8- अपने परिवार से प्यार कीजिए। हम अक्सर अपनों के प्यार को समझ नहीं पाते हैं और घर के बाहर प्यार की तलाश करते रहते हैं। हकीकत में यह परिवार ही है जहां जीवन शुरू होता है और प्यार कभी खत्म नहीं होता है।

विचारों की ताकत को इग्नोर मत कीजिए

आज दुनिया जैसी भी दिखाई देती है वह पूर्व में हमारे मन में उठने वाले विचारों का परिणाम है। आज दुनिया में जितनी अच्छी चीजें, अविष्कार,प्रगति दिखाई देती है वह परिणाम है उन सकारात्मक विचारों का जिनका जन्म किसी मनुष्य के ह्रदय में हुआ था और दुनिया में जो भी नकारात्मकता है,सत्ता और शक्ति का दुरुपयोग है वह भी परिणाम है उन नकारात्मक विचारों का जिनका जन्म किसी मनुष्य के ह्रदय में हुआ होगा।

1- मनुष्य का जीवन घटनाओं का समूह है और ये घटनाएं हमारे विचारों का परिणाम हैं। विचार एक शक्ति है जिसका उपयोग करके हम जीवन में बहुत ऊंचा भी उठ सकते हैं और इस शक्ति का दुरुपयोग हमें पशुओं के स्तर से भी नीचे गिरा सकता है।

2-मन ही विचारों का उद्गम और अंत स्थल है, विचार मन से ही जन्म लेते हैं और मन में ही समाप्त हो जाते हैं। हमारे विचारों का हमारे जीवन की हर एक घटना पर प्रभाव पड़ता है।

3-विचार भी बच्चों की तरह होते हैं, वे भी अपना पराया, भला बुरा नहीं समझते हैं और बस कभी भी, कहीं भी, कहीं से भी हमारे पास चले आते हैं ।यदि हम आने वाले विचारों का स्वागत करते हैं, उन्हें अपनाने का प्रयास करते हैं तो वे पुष्ट होते हैं, बढते हैं, विकसित होकर हमारा पुनर्निर्माण करते हैं।

4-यदि विचारों को दुत्कार दिया जाए ,उन्हें बेइज्जत कर दिया जाए, उनकी परवाह न की जाए तो फिर एेसे विचार हमारे पास से चले जाते हैं। ये विचार मृतप्राय होकर हमारे मन की गहराइयों में दफन हो जाते हैं।

5-सभी विचार न तो हर एक के लिए अच्छे होते हैं और न ही बुरे, विचारों को चुनने के लिए मनुष्य स्वतंत्र है। जो विचार आपको अच्छा लगता हो, जिनसे अच्छी आदतें बनती हों, जो उत्तम स्वभाव का निर्माण करते हों एेसे विचार हमारे मित्र के समान हैं। एेसे विचारों का हमें खुले दिल से स्वागत करना चाहिए,इन विचारों का बार-बार चिंतन करना चाहिए।

6- विचारों में बहुत शक्ति होती है,हम जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं।नकारात्मक विचार नकारात्मकता को और सकारात्मक विचार सकारात्मकता को आकर्षित करते हैं।

7- विचार वह शक्ति है जिसका उपयोग अच्छे और भलाई के कामों में भी किया जा सकता है और इस शक्ति को एेसे कामों में भी नष्ट किया जा सकता है जो मानवता को कलंकित करते हैं।

कुछ लक्षण जो बताते हैं कि आप पहले से ज्यादा मेच्योर हो गए हैं

1- जब कोई तारीफ करे तो बहुत खुशी न हो और अहंकार ना आये और जब कोई निंदा करे तो गुस्सा न आये बल्कि आप उस निंदा पर विचार करें और यह सोचें कि दूसरे ने ऐसा क्यों कहा।

2- जब दुख ज़्यादा दुख न लगे और खुशी में ज़्यादा खुशी न हो और जब आप ज़िन्दगी के उतार चढ़ाव बिना परेशानी के झेल पाए और उसे कभी ईश्वर की मर्जी,तो कभी अपनी नियति जानकर एक्सेप्ट कर

3- जब आप फेसबुक, इंस्टाग्राम पर अपना ज्यादा समय बर्बाद ना करके अपने लक्ष्यों को अपना ज्यादा समय देने लगें।

4- जब आप अपने जज़्बातों को सोशल मीडिया पर शेयर ना करके उस व्यक्ति के साथ सुलझाने की कोशिश करते है , जिसके साथ आपका मन मुटाव हुआ है।

5- जब आप समझते है कि हर बार आप सही नहीं हो सकते और सामने वाले की पूरी बात सुनने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं |

6- जब आप अपनी गलतियों को मानते हैं और सामने वाले व्यक्ति की भावनाओं का सम्मान दिल से करते हैं।

7- जब आप अलविदा कहने की हिम्मत रखते हैं और समझते है कि कोई भी आपका साथ जीवन भर नहीं देगा और आपको अपना सफर अकेले ही तय करना है।

8- जब आप जिम्मेदारियों से मुँह नहीं मोड़ते हैं और जो जैसा है उसे वैसे ही स्वीकार करना सीख लेते हैं।

जिंदगी में हम पैसों के पीछे भागने से खुद को कैसे रोक सकते हैं ?

जीवन में हम पैसोंं के पीछे जितना भागते हैं वह हमसे उतना ही दूर चला जाता है। पैसा जीवन में आवश्यक है लेकिन सब कुछ नहीं है।

पैसे के बिना जीवन सम्भव नहीं। आज के युग में ये मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। पैसा सब ज़रूरतें पूरी करने का माध्यम है। इंसान को आज की ही नहीं कल की भी चिंता होती है यहां तक कि समझदार जीव भी बुरे समय के लिए भोजन संचित करके रखते हैं।

पैसा भोजन की तरह होता है , हम सभी यह जानते हैं कि बिना भोजन के कोई भी जीवित नहीं रह सकता है। उसी तरीके से बिना पैसे के इस दुनिया में जीवित रहना बहुत मुश्किल है।

लेकिन यह भी जानना उतना ही महत्वपूर्ण है की जरूरत से ज्यादा खाना स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने की बजाय, स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है और इसीलिए हम अपने खाने पर नियंत्रण रखते हैं।

कल्पना कीजिए कि आपको किसी पार्टी में बुलाया गया है और वहां पर तरह- तरह के व्यंजन आपके सामने परोसे गए हैं और आप को इस खाने का कुछ भी पेमेंट नहीं करना है । ऐसी स्थिति में अक्सर खुद को रोक नहीं पाते हैं और जितना आपको खाना चाहिए उससे कई गुना ज्यादा आप खा लेते हैँ। यह जानते हुए भी कि जरूरत से ज्यादा खाना हमारे स्वयं के स्वास्थय के लिए हानिकारक है।

ठीक ऐसे ही, हम जब ऐसी पोजीशन में रहते हैं जहां पर हम पैसा कमा सकते हैं, चाहे वह गलत तरीके से हो या सही तरीके से हो, हम खुद को रोक नहीं पाते हैं।

इसी वजह से दुनिया में ज्यादातर लोग पैसे के पीछे भागते रहते हैं और कभी यह जानने की कोशिश नहीं करते की वह पैसा क्यों कमाना चाहते हैं और वह इस पैसे का क्या इस्तेमाल करेंगें?

रियल लाइफ में पैसा कमाना बहुत मुश्किल होता है। यदि आप बहुत सारा पैसा कमाना चाहते हैं तो आपको अपना समय, अपनी ऊर्जा और यहां तक कि अपना मानसिक संतुलन भी दांव पर लगाना पड़ता है।

बीत गया समय कभी भी वापस नहीं आता,खराब हुआ स्वास्थ्य भी कभी वापस नहीं आता है,जो रिश्ते हम खो देते हैं वह भी वापस नहीं आते हैं जो बुरे कर्म पैसा कमाने में हम करते हैं वह हमारा कभी पीछा नहीं छोड़ते हैं।

आपको सिर्फ इतना पैसा कमाना चाहिए जितना कि जरूरी हो, ताकि आपके पास में पर्याप्त समय और ऊर्जा हो जिससे कि आप अपने जीवन की और भी चीजें जो महत्वपूर्ण और मूल्यवान हैं उनको प्राप्त कर सकें।

किसी ने सच ही कहा है पैसा वह वस्तु है जिससे आप कितना भी कमा लो, कम ही लगता है।

कुछ एेसे काम जो दिखते तो सरल हैं पर होते मुश्किल हैं

1- किसी एेसे व्यक्ति को कुछ समझाने की कोशिश करना जो समझना ही नहीं चाहता है, किसी नासमझ व्यक्ति को समझाया जा सकता है परंतु अपने आप को बहुत अधिक समझदार समझने वाले व्यक्ति को समझाना बहुत मुश्किल काम है।

2- कभी-कभी दूर की चीजें ज्यादा साफ दिखती हैं और पास की चीजें धुंधली नजर आती हैं। इसी तरह हमें अपनी गलतियां नजर नहीं आती परंतु दूसरों की गलतियों पर उंगली उठाना बहुत आसान लगता है। खुद में गलतियां ढूढ़ पाना बहुत मुश्किल काम है।

3- खुद को जान लेना आवश्यक है ताकि भविष्य की एक मज़बूत नींव रखी जा सके। ये तभी सम्भव होगा जब आप प्रयोग करेंगे, कहीं सफल होंगे तो कहीं असफल और आपका यही अनुभव कारगर साबित होगा। खुद से रूबरू होना एक मुश्किल काम है।

4- जिम्मेदारी उठाना,क्योंकि जब आप जिम्मेदारी उठाते हैं तो आपसे कई सारे व्यक्ति जुड़े होते हैं जिनको आपसे उम्मीद होती है और आपके सामने उन उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होती है। इसलिए जिम्मेदारी उठाना एक मुश्किल काम है।

5- आगे बढ़ते रहना, आप एक सफलता से संतुष्ट नहीं हो सकते क्योंकि हर सफलता के साथ उम्मीद और बढ़ जाती है और चुनौती और भी बड़ी हो जाती है। इसलिए यह एक कठिन कार्य है।

6- किसी को हँसाना,दूसरों को हँसाना आसान नहीं है एक अच्छा सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत बड़ी चीज़ है। खुद का मज़ाक उड़ाने के लिए सच में जिगरा चाहिए होता है। इसलिए यह एक मुश्किल काम है।

7- दुःखी होते हुए भी मुस्कुराना, आंखों के नीचे के काले घेरे बताते हैं कि होठों पर जो मुस्कान है वह झूठी है।

8- दूसरों को सीख देना बहुत सरल है परन्तु अपने द्वारा दी गई शिक्षाओं का स्वयं अनुसरण करना बहुत मुश्किल काम है |

9- क्षमा मांगने के लिए हमे अपने अंदर के अहम को खत्म करना पड़ता है। क्षमा मांगने वाला इंसान रिश्तों की कदर करता है और किसी अपने को खोने से अच्छा हैं अपने अहम को खो देना इसलिए क्षमा मांगना एक मुश्किल काम है।

10- जीवन में सच्चाई और ईमानदारी के मार्ग पर चलना ,यह वास्तव में बहुत आसान लगता हैं परन्तु इस मार्ग पर चलना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। इसलिए यह एक कठिन काम है।

जीवन के बारे में लोगों की सबसे बड़ी गलतफ़हमी क्या है?

1- मैं तुम्हारे बिना जी नहीं पाउँगा। हमे ऐसे लगता है कि हम अपने प्रेमी के बिना कभी नहीं जी पाएंगे पर वास्तव में जीवन किसी के लिए भी नहीं रुकता,कोई हो या ना हो, जीवन हमेेशा चलता रहता है।

2- मै सही हूँ बाकी दुनिया गलत है और मैं सब कुछ जानता हूँ दूसरे कुछ भी नही जानते हैं ,यह जीवन की सबसे बड़ी गलतफ़हमी है।

3- मेरे पास अच्छा परिवार है,बंगले हैं,गाडियाँ हैं,मुझे किस चीज की कमी है? इस घमंड में कई लोग अपने से नीचे आर्थिक स्तर के व्यक्ति को अपने से तुच्छ समझते हैं।

4- लोग सोचते हैं कोई बीमारी या दुर्घटना हो भी गई तो मेरे पास उससे निपटने के लिए कई साधन हैं पर समय का ऊँट किस करवट बैठेगा,यह किसी को पता नहीं होता।

5- हम समझते हैं कि अन्य और बहुत सी चीजों की तरह कल के बारे में भी पूर्वानुमान किया जा सकता है जबकि वास्तविकता यह है कि कोई भी नहीं जानता है कि अगले पल क्या होने वाला है।

6- हम समझते हैं कि मैनें जो किया, उसे किसी ने नही देखा लोग कर्म के नियम को हमेशा भूल जाते है। जबकि कर्म का नियम हर समय हर जगह लागू होता है। आप अपने कर्मो से भाग नही सकते हैं।

7- मुझे किसी की जरूरत नहीं है,मै अकेले जिंदगी गुजार लूँगा। हर किसी को कभी ना कभी किसी ना किसी की जरूरत पड़ती ही है परंतु ऐसा देखा गया है कि थोड़े से मतभेद के कारण लोग एक दूसरे का साथ हमेशा के लिए छोड़ देते हैं, ऐसा कहकर कि तुम्हारी मुझे कोई जरूरत नहीं है।

8- पैसे कमाने के बाद सारा तनाव दूर हो जाएगा जिनके पास पैसों की कोई कमी नही है, वो लोग बहुत खुश हैं और दुनिया की सारी परेशानी मेरे पास ही है ।

9- यह मानना कि जीवन में सबसे अच्छी चीजें हमेशा महंगी होती हैं और अमीर लोग आम तौर पर खुश होते हैं।

10- यह मानना कि अपने सपनों को जीने और उन्हें पूरा करने के लिए हमारे पास बहुत समय है।

चला गया भारतीय राजनीति का शिखर पुरूष

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श्री अटल बिहारी वाजपेयी को हमेशा एक सज्जन राजनेता, प्रखर वक्ता और एक महान आत्मा के रूप में याद किया जाएगा। इन सबसे बढ़कर वह एक प्रेमपूर्ण, दयालु और महान इंसान थे।

संसद में और सार्वजनिक रैलियों में उनके भाषणों को सुनना लोंगों बहुत खुशी देता था। यहां तक कि उनके विरोधियों ने भी हमेशा उनकी प्रशंसा की और सम्मान किया। उनके पास सबसे कठिन मुद्दों पर भी लगभग सभी को साथ लेने और आम सहमति विकसित करने की अद्भुत क्षमता थी।

प्रधानमंत्री के रूप में उनका 1999-2004 तक का कार्य़काल भारत की स्वर्णिम अवधि के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर, कारगिल युद्ध, गोल्डन चतुर्भुज जैसी कई परियोजनाएं शुरू कीं, जिन्होंने भारत के बुनियादी ढांचे को बदल दिया और हर मोर्चे पर मजबूत भारत का निर्माण किया।

उन्हें मानवता के प्रेमी के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने पाकिस्तान के साथ शांति बनाने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की और विपक्ष के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखा। उन्होंने सीमावर्ती आतंकवाद और कश्मीर पर चर्चा के लिए 14-16 जुलाई, 2001 से दो दिवसीय आगरा शिखर सम्मेलन की बैठक के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भारत में आमंत्रित किया।

इसके अलावा, वाजपेयी ने 1 9 फरवरी, 1999 को ऐतिहासिक दिल्ली-लाहौर बस के उद्घाटन के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच सड़क कनेक्टिविटी कायम करने का प्रयास किया।

हम सब उन्हें बहुत याद करेंगे।

भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

भारतीय स्वतंत्रता दिवस के बारे में कुछ रोचक तथ्य जिन्हें आपको जानना चाहिय़े

1- उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, बहरीन और कांगो गणराज्य भारत के साथ 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस साझा करते हैं।

2- जब 15 अगस्त, 1947 को भारत स्वतंत्र हुआा तब देश का कोई राष्ट्रीय गान नहीं था। यद्यपि जन गण मन को बंगाली भाषा में 1911 में लिखा गया था, पर इसे 1950 से पहले तक राष्ट्रीय गान का दर्जा नहीं मिला था।

3- भारत की आजादी के बाद, पुर्तगाल ने अपने संविधान में संशोधन किया और गोवा को पुर्तगाली राज्य घोषित कर दिया। 19 दिसंबर, 1961 को भारतीय सैनिकों ने गोवा पर हमला किया और भारत में वापस इसका विलय किया।

4- स्वतंत्रता के मुख्य वास्तुकार महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग नहीं लिया था। इसके बजाए, उन्होनें कलकत्ता में पूरे दिन उपवास किया और दिन भर प्रार्थना की उन्होनें सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में उस दिन उपवास किया था जो देश में व्यापक पैमाने पर हो रही थीं।

5- आजादी के बाद देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू को ग्लोबल स्टाइल आइकन के रूप में माना जाता था, उनके प्रसिद्ध नेहरू जैकेट दुनिया भर में हिट बन गए थे। उन्हें प्रसिद्ध फैशन पत्रिका वोग में भी जगह मिली थी।

6- महान क्रांतिकारी भगत सिंह अनेक अलग-अलग भाषाओं में निष्णात थे। उनका अंग्रेजी, अरबी, फ्रेंच, स्वीडिश, हिंदी, पंजाबी और मुल्तानी पर समान रूप से अधिकार था।

7- आजादी के समय भारत में 562 रियासतें थीं। इन राज्यों में से 560 भारत में स्वेच्छा से शामिल हो गए और शेष दो (जूनागढ़ और हैदराबाद) का सेना द्वारा भारत में विलय हुआ था।

8- आजादी के समय भारतीय रूपया $ 1 के बराबर था। पेट्रोल की कीमत 1.8 रुपये प्रति लीटर थी और सोने 88 रुपये, 62 पैसे प्रति 10 ग्राम था।

पुरूष होने के कुछ साइड इफेक्ट क्या हैं ?

1- एक 27 वर्षीय बेरोजगार भारतीय महिला के पास विकल्प है, घर पर रहने का और किसी एेसे व्यक्ति से शादी करने का जो उसे लक्जरी लाइफ दे सके वहीं दूसरी तरफ एक 27 वर्षीय बेरोजगार भारतीय पुरूष, उसे बहुत चिंता करने की जरूरत है और शायद अगले कुछ सालों के लिए उसे शादी को भूल जाना चाहिए।

2- एक पति के रूप में, एक पिता के रूप में, एक बेटे के रूप में और एक भाई के रूप में आम तौर पर एक पुरुष को परिवार में हर किसी की इच्छा पूरी करनी होती है और खुद की इच्छाओं को मारना पड़ता है।

3- कॉर्पोरेट कल्चर में मौजूद समानता के बावजूद आमतौर पर पुरुषों से अपने महिला समकक्षों की तुलना में कठिन परिस्थितियों में काम करने की उम्मीद जाती है।

4- बारह घंटे काम करना अपने परिवार के लिए दूसरे शहर, देश , दुनिया भर में काम के सिलसिले में भटकते फिरना फिर भी पुरूष को उनके काम के लिए कोई मान्यता नहीं मिलती। कोई भी पुरुष दिवस नहीं मनाता है।

5- यदि आप घर के कामों में हाथ बंटाते हैं तो समाज आपको जज करता है। यदि आप घर घर के कामों में हाथ नहीं बंटाते हैं, तो आपकी पत्नी आपको जज करती है।

6- पिता का जन्मदिन आमतैर पर परिवार में किसी को याद नहीं रहता, भले ही वह सबके जन्मदिन पर हमेशा सर्वश्रेष्ठ उपहार देते हों।

7- पुरूषों को अपने आंसुओं को सबसे कठिन परिस्थितियों में छिपाना होता है ताकि दूसरे अपने सिर को उनके कंधे पर रख कर रो सकें।

8- पुरूषों पर आरोप लगाकर उनके जीवन को बर्बाद करना आसान है, कई बार यह देखा गया है कि उन्हें उन चीज़ों के लिए दोषी ठहराया जाता है जिन्हें उन्होंने किया ही नहीं है।