कुछ चीजें जिन्हें जीवन में कर पाना मुश्किल है

जो काम हमें कठिन लगता है उसे करना और फिर उसके परिणाम का इंतजार करना, यह वह समय है जिसे पार करना बहुत कठिन है।

सच बोलना, सच बोलना बहुत मुश्किल काम नहीं है पर किन लोगों के सामने बोलना है और कौन सी जगह बोलना है इसका चुनाव करना बहुत कठिन होता है।

रिश्ते निभाना, रिश्ते बनाना बहुत आसान है पर उन्हें सही मुकाम तक पहुंचा पाना और फिर सारी उम्र निभाना बहुत कठिन है।

जीवन में हम प्रतिदिन छोटे-बड़े अनेक निर्णय लेते रहते हैं, पर कुछ निर्णय ऐसे होते हैं,जो पूरी जिंदगी बदल सकते हैंं। इसलिए सोच समझ कर निर्णय लेना और उस पर अमल कर पाना बहुत मुश्किल होता है।

अक्सर हम ऊपरी दिखावे से ही इंसान को पहचानने की कोशिश करते हैं और गलत इंसान पर विश्वास कर बैठते हैं।विश्वास करना गलत बात नहीं है पर गलत इंसान पर विश्वास करना घातक है इसलिए सही इंसान की पहचा कर पाना बहुत मुश्किल होता है।

अपने अंहकार की खाई को पाटकर अपनी गलतियों को स्वीकार करना और सामने वाले से माफी मांग लेना बहुत मुश्किल होता है।

जिस व्यक्ति ने आपके विश्वास और मन को ठेस पहुंचाई हो, उस इंसान को माफ करके उसे दिल में दोबारा वही स्थान दे पाना बहुत मुश्किल होता है।

दूसरे के दुख में दर्द महसूस करना और दूसरों के सुख में खुशी महसूस कर पाना बहुत कठिन होता है।

अपनी आत्मा की आवाज़ के खिलाफ़ जाकर मजबूर होकर जो काम करना पड़े, उसे करना जीवन में बहुत कठिन होता है।

यह जिंदगी ही एक यात्रा है इसके हर एक पड़ाव को पूरा करना और बिना विचलित हुए अपने जीवन के लक्ष्य को हासिल करना कठिन है लेकिन रोमांच से भरा है।

क्या इस दुनिया मे सीधे इंसान का गलत फायदा उठाया जाता है ?

जिंदगी में अनेक अवसर एेसे आ जाते हैं जो पूरी तरह से अप्रत्याशित और प्राकृतिक नियमों के विपरीत दिखाई देते हैं। एक इंसान जो अच्छे कर्म करता है और बुराई से दूर रहता है उसके ऊपर अचानक एेसी घोर विपत्ति आ जाती है कि मानो उसे किसी बड़े भारी अपराध की सजा मिल रही हो। वहीं एक दूसरा व्यक्ति बुरे से बुरे कर्म करता है पर हर प्रकार के सुख और सौभाग्य उसे प्राप्त होते हैं।

सीधे लोगों का फायदा उठाया जाता है और उन्हें बहुत ज्यादा धोखा भी मिलता है। दिल से साफ और कोमल होने कि वजह से उन्हें दुख भी बहुत होता है। बहुत बार आपकी सरलता को लोग आपकी कमजोरी समझ लेते हैं।

जीवन में एेसे मौकों के आने पर हममें से अधिकांश लोग बहुत भ्रमित हो जाते हैं और अनेक एेसी धारणाएं बना लेते हैं जो जीवन के लिए बहुत घातक सिद्ध होती हैं। कुछ लोग ईश्वर पर कुपित हो जाते हैं और अपनी दुर्दशा के लिए उसे जिम्मेदार ठहराते हैं तो कई नास्तिक हो जाते हैं।

मुश्किल अवसरों पर हमारी एेसी सोच हो जाने का मुख्य कारण भाग्य के संबंध में हमारे मन में जमी हुई गलत धारणाएं हैं। बात को सही ढंग से न समझ पाने के कारण ही हमारे मन में एेसी बातें घर कर जाती हैं।

कुछ लोगों को लगने लगता है कि अब कर्मों को करने का कोई फायदा नहीं जो भाग्य में लिखा होगा सो होकर रहेगा। एेसे अवसरों पर हममें से ज्यादातर लोग भाग्य की वेदी पर कर्मों की बलि चढ़ा देते हैं।

कहते हैं कर्मों की गति गहन होती है जिसे समझ पाना मुश्किल है। किसी विषय की जानकारी न होने एवं गलत जानकारी होने में फर्क होता है। गलत धारणाएं जब हमारे जीवन में घुसकर गहरी पैठ बना लेती हैं तो जीवन का प्रवाह उल्टा और विकृत हो जाता है।

सकारात्मक सोच रखकर लगातार कर्म करते रहना ही हमारे हाथ में है और यही जीवन जीने का सही नजरिया भी है। उम्मीद का दामन कभी मत छोड़िए क्योंकि जब तक साँस है तब तक आस है।

जो उलझाता है वही सुलझता है

जीवन में हमें क्या नहीं करना चाहिए यह बताने को बहुत लोग मिल जाते हैं, पर क्या करना चाहिए इसका जवाब बहुत कम लोगों के पास होता है। एेसे लोग जीवन में मुश्किल से मिलते हैं और कभी-कभी तो हम एेसे इंसान को पहचान ही नहीं पाते हैं।

हमें लगता है कि दूसरा व्यक्ति ही हमें वह सब कुछ दे सकता है जिससे हमें शांति मिल जाएगी। हमारी उम्मीद अक्सर टूट जाती है क्योंकि हम यह भूल जाते हैं कि कोई भी व्यक्ति हमें वही दे सकता है जो कि उसके खुद के पास हो। हम जिसे दूसरे व्यक्ति में ढूंढ रहे हैं वो भी किसी तीसरे व्यक्ति में उसे तालाश कर रहा है और तीसरा व्यक्ति किसी चौथे व्यक्ति को ढूंढ रहा है इस तरह यह अंतहीन सिलसिला जारी है।

कोई किसी को वही दे सकता है जो खुद उसके पास हो। किसी को शांति वही दे सकता है जो खुद स्थिर हो। किसी को हिम्मत वही दे सकता है जो खुद पथरीली राहों पर चला हो। किसी को रास्ता वही बता सकता है जो खुद सफर पर निकला हो। बिना अनुभव का ज्ञान तो बस उधार की जानकारी होता है जिसका सहारा लेकर किसी तरह समस्या को कुछ समय के लिए टाला तो जा सकता है पर उसका पूर्ण समाधान नहीं किया जा सकता है।

एक मकड़ी ने कमरे में जाला लगाने की सोची वह सही जगह की तलाश करने लगी उसने चिड़िया से सलाह मांगी चिड़िया ने कहा जाला कहीं भी लगाना पर खिड़कियों से दूर रहना क्योंकि जब हवा चलेगी तो जाला टूट जाएगा। मकड़ी ने बात मानकर कमरे के एक कोने में जाला बुनना शुरू ही किया था कि एक बिल्ली आ गयी उसने कहा यहां जाला बुनना बेकार है क्योंकि इस कोने में मक्खियाँ नहीं आती हैं तो फिर तुम्हारे जाले में फंसेगा कौन? तुम अलमारी के पीछे जाला बुनों वो जगह तुम्हारे मुफीद रहेगी।

मकड़ी ने अब अलमारी के पीछे ठिकाना बनाने लगी तो अलमारी में रहने वाली दीमक ने कहा यह अलमारी दीमक लगने के कारण खराब हो गई है और थोड़े समय बाद इसे कबाड़ी ले जाएगा तुम कहीं और चली जाओ। मकड़ी की तालाश जारी है।

आवश्यकता है खुद पर भरोसा करने की और बिना विचलित हुए लगातार कोशिश जारी रखने की,क्योंकि एेसा करने पर हमें अनुभव प्राप्त होता है और जब हमें जानकारी और अनुभव दोनों मिल जाते हैं फिर हमें अपनी समस्या का समाधान भी मिल जाता है ।

जीवन के कुछ सरल सत्य क्या हैंं ?

1 – सच्ची दोस्ती अक्सर स्कूल और कॉलेज के दिनों में होती है। बाहर की दुनिया में सब पैसा कमाने की आंधी दौड़ में व्यस्त हैं।

2 – जीवन सुंदर है उन लोगों के लिए जो वास्तव में व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन में संतुलन बनाना जानते हैं।

3 – किसी भी कहानी के तीन पक्ष होते हैं, आपका पक्ष,उनका पक्ष और वास्ततविक सच्चाई ।

4 -किसी को परवाह नहीं है कि आपका जीवन कितना मुश्किल है, अपने जीवन की कहानी के लेखक स्वयं आप हैंं।

5 – जीवन में उतार-चढ़ाव अपरिहार्य है और इस प्रक्रिया में हम अक्सर अपने लक्ष्य पर इतना ध्यान देते हैंं कि हम रास्तों की परवाह नहीं करते।

6 -सबसे बुरी चीजें जिनकी आप कल्पना करते हैं अक्सर जीवन में कभी घटित नहीं होती हैं, जीवन में जो सबसे बुरा घटित होता है अक्सर उसकी आपने कल्पना भी नहीं की होती है।

7 – आप लोगों को बदल नहीं सकते हैं,आप केवल उन्हेंं रास्ता दिखा सकते हैं और स्वयं के उदाहरण द्वारा बदलाव के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

8- आपके जीवन में जो भी समस्या है वह प्राथमिक रुप से आपकी जिम्मेदारी है,इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि उस समस्या का कारण आप हैं या कोई और।

9- छोटी- छोटी बातें और काम जो आप प्रतिदिन कहते हैं या करते हैं वह कही़ं ज्यादा महत्वपूर्ण है उन बातों और कामों से जो आप कभी-कभार करते हैं।

10- जीवन आसान नहीं होता विशेषकर तब जब आप जिंदगी में कुछ बड़ा करना या पाना चाहते हैं।

11- खाली पेट और मुफलिसी आपको जीवन के सबसे बड़े सबक सिखा देते हैं।

कुछ बातें जीवन में जिनके लिए आपको शुक्रगुजार होना चाहिए

1- अपनी उन असफलताओं के लिए शुक्रगुजार रहिए जिन्होनें आपको सीखना और जीवन में आगे बढ़ना सिखाया।

2- यदि आपके माता-पिता और आपका परिवार आपके साथ है तो शुक्रगुजार रहिए, जीवन में हर कोई इतना भाग्यशाली नहीं होता है।

3- जिंदगी में अपने बुरे दोस्तों के प्रति आभारी रहिए जो आपको उम्र के उस पड़ाव पर जब आप भ्रम की स्थिति में थे आपको गलत रास्तोंं पर ले गये क्योंकि उन छोटी गलतियों, गलत मोड़ और खतरनाक अनुभवों ने आपको सही-गलत की पहचान करने और निर्णय लेने की शक्ति को बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

4- जिंदगी में अपने अच्छे दोस्तों के प्रति आभारी रहिए, जिन्होनें आपको हर चीज के दोनों पहलू को देखना सिखाया और एक बेहतर इंसान बनने में आपकी मदद की।

5- जीवन में अपने उन गुरूओं के प्रति शुक्रगुजार रहिए जिन्होनें आपके खाली मस्तिष्क को ज्ञान से भर दिया और जीवन के बारे में हमारी धारणा और राय को एक बेहतर हद तक बदल दिया।

6- जीवन में उन सैकड़ो लोगों के प्रति शुक्रगुजार रहिए जिन्होनें मुश्किल वक्त में आपको अकेला और उदास छोड़ दिया आज जो आप हैं उसका कारण ये लोग हैं।

7- जीवन में जो कुछ मिला है उसके लिए आभारी रहें। हम में से अधिकांश अभी जो जीवन जी रहे हैं वह बहुत सारे लोगों के लिए एक सपना है।

8- इस तथ्य के लिए आभारी रहें कि अब तक आप अपने जीवन में उन कठिनाइयों के साथ जीवित रहे हैं। यह शानदार है कि इतनी मुश्किलों के बाद भी आपने अब तक इतने फासले को तय किया है।

जिंदगी के कुछ खूबसूरत सच क्या हैं ?

अलग-अलग लोगों के जीवन के अलग-अलग परिप्रेक्ष्य होते हैं। यह पूरी तरह से निर्भर करता है कि आप यह प्रशन किससे पूछ रहे हैं?

कवि के लिए, जीवन एक कविता है।

एक कलाकार के लिए, जीवन एक मंच है।

लापरवाह मन के लिए, यह एक पार्टी है

आम आदमी के लिए, यह एक यात्रा है।

गरीबों के लिए, यह एक संघर्ष है।

एक नवजात शिशु के लिए दुनिया में आना ही जीवन है।

युवाओं के पढ़ाई और दोस्त बनाना ही जीवन है।

एक प्रोफेशनल के लिए अच्छी नौकरी पाना और करियर को सेटेल करना ही जीवन है।

एक पिता के लिए परिवार को एक अच्छी जिंदगी देना ही जीवन है।

एथलीट और स्पोर्ट पर्सन के लिए प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतना ही जीवन है।

सुरक्षा बलों एवं सेनाओं के के लिए लोगों और देश की हिफ़ाजत करना ही जीवन है।

वैज्ञानिकों के लिए नये शोध करना ही जीवन है।

किसी के लिए अपने माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान देखना ही जीवन है।

किसी के लिए हर बार प्यार में पड़ना और फिर धोखा खाकर आगे बढ़ जाना ही जीवन है।

किसी के लिए बारिश में अकेले भीगना ही जीवन है।

किसी के लिए अपने सर्वोत्तम प्रयासों को करके भी असफल हो जाना और फिर पूरी शक्ति से प्रयास करना ही जीवन है।

लिस्ट बहुत लंबी है और सबके अपने नजरिये हैं। मेरे लिए,जीवन एक यात्रा है। जीवन के बारे में सबसे सुंदर चीज यह है कि हम कभी-कभी सफल हो सकते हैं,और कभी-कभी असफल हो सकते हैं।आप हर बार जीत नहीं सकते उसी तरह,आप हर बार हार नहीं सकते हैं। लेकिन यह अनुभव है जो हमें हर बार मिलता है और यही मायने रखता है। यही वो निशानी है जो हम दुनिया को दिखा सकते हैं और अंत में यही हमारे साथ रह जाता है।

कुछ बातें जिन्हें लोग अक्सर कम करके आँकते हैं

1- यह कि कुछ दाग बस चेहरा खराब कर सकते हैं ,हमारा सौंदर्य नहीं।

2- यह कि किसी को जीत मिलती है, बाकी को प्रेरणा मिलती है।

3- यह कि जिंदगी में सूर्यास्त की तरह, कुछ बातों का अंत बहुत सुंदर होता है।

4- यह कि जहां शोर ज्यादा होता है, अक्सर वहां समझने की गुंजाइश बहुत कम होती है ।

5- यह कि लोगों के स्वप्न अक्सर समाप्त हो जाते हैं, दुःस्वप्न नहीं।

6- यह कि प्यार कभी-कभी बनावटी होता है, घृणा नहीं।

7- यह कि लोग भरोसा कायम करने में लंबा वक्त लेते हैं, संदेह करने में नहीं।

8- यह कि कल का नौसिखिया, आज का विशेषज्ञ है।

9- यह कि लोग हीं नहीं बल्कि अक्सर हम भी खुद अपनी क्षमताएं कम करके आंकते हैं।

10- यह कि लोग अक्सर अपने दुश्मन की ताकत को कम आँकते हैं और धोखा खा जाते हैं।

कुछ चीजें जो जीवन में ज्यादा महत्व नहीं रखती हैं

1- फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर लाइक्स की संख्या, आपके अधिकांश फालोअर्स लाइक बटन पर क्लिक इसलिए करते हैं क्योंकि जब वे सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं तो वह आपके द्वारा लाइक पाने की उम्मीद करते हैं। यह कड़वा है लेकिन सच है।

2- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप स्कूल की परीक्षा में शीर्ष पर हैं या विफल हैं। अंक वास्तव में आपके जीवन में कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाते हैं। आत्म- विकास पर ध्यान केंद्रित करना कहीं ज्यादा बेहतर है। एेसे बहुत से उदाहरण हैं जिन्होने स्कूल में बहुत अच्छा नहीं किया पर जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल किया।

3- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जीवन में आपका कोई ब्वाय फ्रेंड या गर्ल फ्रेंड है या नहीं , ब्वाय फ्रेंड या गर्ल फ्रेंड का होना जीवन में अनिवार्य नहीं है। इनके बिना भी जिंदगी में बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है।

4- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप लंबे या छोटे, मोटा या पतले, काले या गोरे हैं। आपके शरीर की आकृति आपकी आंतरिक सुंदरता को परिभाषित नहीं करती है।

5- ब्रेकअप का मतलब जीवन का अंत नहीं है। आगे बढ़ना सीखिये, आप हमेशा किसी बेहतर को पा सकते हैं।

6- आप लोगों को उनकी जाति और भाषा से जज नहीं कर सकते हैं। कोई भी इंसान जाति या भाषा के आधार पर श्रेष्ठ या निम्न नहीं होता है, इंसानों के साथ केवल इंसानियत का व्यवहार कीजिए।

7- इंटरव्यू में खारिज होना या कॉलेज प्लेसमेंट में सेलेक्ट नहीं होना जीवन का अंत नहीं है, हो सकता है कुछ बड़ा आपके लिए इंतजार कर रहा हो।

बस चलते रहना जरूरी है

जब भी इन्सान कोई निर्णय लेता है तो वह यह सोच के नहीं लेता कि यह गलत साबित होगा। दरअसल निर्णय आज की परिस्थितियों में लिए जाते हैं जबकि कल की बदली हुई परिस्थितियां उन्हें सही या गलत साबित करती हैं। कल किसी ने नहीं देखा है पर इंसान की फितरत होती है अनुमान लगाने की और इसी आधार पर वह निर्णय लेता है।

जीवन ताश के खेल की तरह है। हमने खेल का आविष्कार नहीं किया है और न ताश के पत्तों के नमूने ही हमने बनाये हैं। हमने इस खेल के नियम भी खुद नहीं बनाये और न हम ताश के पत्तों के बँटवारे पर ही नियंत्रण रख सकते हैं। पत्ते हमें बाँट दिये जाते हैं, चाहे वे अच्छे हों या बुरे। इस सीमा तक नियति या भाग्य की भूमिका है।

पर हम खेल को अच्छे या खराब ढंग से खेल सकते हैं। हो सकता है कि किसी कुशल खिलाड़ी के पास खराब पत्ते आये हों और फिर भी वह खेल में जीत जाये। यह भी संभव है कि किसी खराब खिलाड़ी के पास अच्छे पत्ते आये हों और फिर भी वह खेल को बिगाड़ करके रख दे। हमारी जिंदगी किस्मत और चुनाव का मिश्रण है।

कल किसी ने नहीं देखा है पर इंसान की फितरत होती है अनुमान लगाने की और इसी आधार पर वह निर्णय लेता है।आप कितनी सटीकता से भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं यह आपकी दूरदर्शिता को निर्धारित करता है और आपकी दूरदर्शिता निर्धारित करती है आपके निर्णय के सफल या असफल होने की संभावना को। अनुमान तो कोई भी लगा सकता है पर अनुभव के साथ अनुमान लगाने की संभावना बढ़ जाती है।

यदि हमारा वर्तमान मुश्किल परिस्थितियों में घिरा है तो इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि हमारा भविष्य भी अन्धकारमय होगा। हमारा भविष्य भी उज्ज्वल हो सकता है। आवश्यकता है ध्यानपूर्वक यह देखने की कि जो कुछ हमारे पास है उसका सबसे अच्छा उपयोग हम कर पा रहे हैं अथवा नहीं?

यदि हम उपलब्ध साधनों का दुरुपयोग करते हैं, तो चाहे वह कितने ही तुच्छ और सारहीन क्यों न हो, हम उसके भी अधिकारी नहीं रहेंगे। यह साधन भी हमसे दूर चले जायेंगे या छीन लिए जाएंगे।

खुद के सुधार के बिना परिस्थितियाँ नहीं सुधर सकतीं। अपना दृष्टिकोण बदले बिना जीवन की गतिविधियाँ नहीं बदली जा सकती हैं। इस बात को इंसान जितनी जल्दी समझ ले उसके लिए उतना ही अच्छा है।

हम जीवन में इतना कन्फ्यूज क्यों रहते हैं

उमंग बहुत महत्वाकांक्षी युवक था,वह जीवन में सब कुछ पा लेना चाहता था। वह बहुत बड़ा आदमी बनना चाहता था, पहले वो सोचता था कि बस एक अच्छी नौकरी मिल जाए तो फिर कुछ नहीं मांगूगा। वह रात दिन उसी के सपने देखने लगा, मेहनत करने लगा, उसी के बारे में सोचने लगा। जिन्दगी ने इम्तिहान लिया, कई बार लिया फिर वो सफल हो गया। उसे मिल गयी थी वह नौकरी जिसके बारे में वो सोचता था।

थोड़े दिनों बाद उसे लगने लगा कि उसे जो मिला है वो अधूरा है और लोगों की तुलना में कम है। उसने नौकरी छोड़ दी और बिजनेस शुरू किया। उसकी समझ में अब दुनियादारी की मिलावट थी।

इस बार उसने मेहनत कम की और चालाकी एवं होशियारी पर ज्यादा ध्यान दिया और अपनी अधूरी जिन्दगी को पूरा करने की कोशिश करने लगा। अब उसे कर्मफल पर कम और अपनी होशियारी पर ज्यादा भरोसा हो गया था।

दुनिया की नजर में उसमें आत्मविश्वास आ गया था। उसे इस बार संघर्ष कम करना पड़ा और काफ़ी हद तक वो अपने इरादों में सफल भी हुआ था उसके पास पैसा और रूतबा सब कुछ था।

फिर भी न जाने क्यों जिदंगी का अधूरापन दूर नहीं हुआ बार बार ध्यान उन चीजों की तरफ जाता था जो उसने हासिल नहीं की थी। उसकी बेचैनी बढ़ी तो उसने दिमाग दौड़ाया और अधूरे को पूरा करने का प्लान बनाया।

इस बार उसने पूरा ध्यान होशियारी पर दिया, उसे अब ईश्वर,सत्य,नियति पर बस दिखावे के लिए भरोसा था। अब उसकी नज़र में सब जायज़ था। दूसरों की नजर में अब उसमें अहंकार आ गया था। उसे इस बार जो मिला वो पहले से ज्यादा था। वह दुनिया की नजर में बहुत सफल हो गया था।

थोड़े दिनों बाद उसे लगने लगा कि वह अभी भी सन्तुष्ट नहीं है। अपने शिखर पर पहुंच कर वो अकेला था। उसकी नजर में होशियारी ही सर्वोपरि थी।

वक्त के अपने नियम होते हैं जो किसी के लिए नहीं बदलते कुछ पलों के लिए लगता है कि जीवन और वक्त हमारे नियन्त्रण में है और हम जो चाहें वो कर सकते हैं और हमारी होशियारी हमें बचा लेगी पर वक्त के नियम नहीं बदलते।

उसका भी वक्त बदल रहा था, जिन्दगी के नियम लागू हो रहे थे पर बुद्धि को लाजिक नहीं समझ आ रहा था। वक्त के नियम लाजिक के परे थे। बहुत मुश्किल था अहंकार के लिए वक्त के आगे झुकाना उन रास्तों पर वापस लौटना जिन्हें वो पीछे छोड़ चुका था।

जब बेबसी ज्यादा बढ़ी तब उसने ईश्वर को पुकारा। अब उसे होशियारी पर कम और ईश्वर पर ज्यादा भरोसा था। अब वह वापस मुड़ गया था जिसकी दिशा केन्द्र की ओर थी, उसे जीवन का लक्ष्य स्प्षट हो गया था, उसके जीवन का सारा कन्फ्यूजन समाप्त हो गया था।