खुशियां कम और अरमान बहुत हैं

खुशियां कम और अरमान बहुत हैं
इस शहर में हर कोई परेशान बहुत है
करीब जाकर देखा तो मिलीं उनमें भी कमियां
दूर से तो उसकी शख्शियत आलीशान बहुत है।

कहने को तो नहीं है सच का कोई मुकाबला
लेकिन आज की दुनिया में झूठ की जान-पहचान बहुत है
जरुरत पड़ी उन्हें तो हर शख्श मुकर गया
कहने को तो इस शहर में उनके कद्रदान बहुत हैं।

मुमकिन है वक्त मिटा दे यादों को उनकी
लेकिन कैसे भुला दें उनको जिसके मुझ पर अहसान बहुत हैं
मुश्किल से मिलता है वो जिसे कह सकें हमारा
वैसे तो इस शहर में इन्सान बहुत हैं।

सुना था मिलती हैं मोहब्त के बदले मोहब्तें
जब मेरी बारी आयी तो यें जम़ाना क्यों हैरान बहुत है
जिस शहर में था इश्क का आशियाना
उस शहर में पत्थर के ख़रीदार बहुत हैं।

ऐसा लगता है जैसे जिंदगी मुझे पहचानती नहीं

ऐसा लगता है जैसे जिंदगी मुझे पहचानती नहीं,
ऐसे देखती है मानो बरसों से मुझे जानती नहीं।

नहीं है किसी से शिकायत न किसी बात का रोना है,
पत्थर की दुनिया में शीशे सा दिल तो बस एक खिलौना है।

क्या हुआ जो दूसरों से ज्यादा मैनें पाया नहीं,
बहुत धोखे खाए लेकिन दूसरों को गिराया नहीं।

खत्म नहीं हुआ है खेल कुछ हिस्सा अभी बाकी है,
चेहरे के पीछे छिपे चेहरों को अभी बेनकाब होना बाकी है।

देखो मेरा दिल अपनी बेबसी तुमसे कहता नहीं,
कहने को तो मेरा है लेकिन बिन तुम्हारे रहता नहीं।

बहुत थक गये है हम, कुछ देर और सोने दो,
थोड़ी सी रात बाकी है सुबह तो होने दो।

इस वर्ष खुद को और बेहतर बनाइये

हर वर्ष हम यह सोचते तो हैं कि इस साल हम कुछ बड़ा काम करेंगे एवं दूसरों की भलाई एवं सहायता करेंगे पर कर नहीं पाते हैं।

हम दूसरों की तरह बनना तो चाहते हैं पर स्वयं को और अपनी अादतों को बदल नहीं पाते हैंं। अच्छी बात यह है कि गलत राहों को छोडकर सही मार्ग पर चलने में कभी देर नहीं होती । सुबह का भूला शाम को लौट आए तो वह भूला नहीं कहलता है। जीवन में आने वाला हर नया साल भी हमें यही पैगाम देता है कि जब जागो तभी सवेरा।

कुछ छोटी – छोटी बातों को अपनाकर एक नई शुरूआत की जा सकती है और इस नई शुरूआत को करने के लिए नये वर्ष से बेहतर दूसरा कोई अवसर नहीं हो सकता है।

अच्छी ऊर्जा संक्रामक होती है। लोगों को छोटी- छोटी खुशियां देने की कोशिश कीजिए। कभी अपनी माँ के लिए एक कप चाय बनाइये, कभी अपने किसी पुराने दोस्त जिससे लंबे समय से बात न की हो उसे फोन कीजिए, या फिर मुस्कुराकर लोगों का अभिवादन कीजिए। यह सब आप को सकारात्मक ऊर्जा से भर देगा।

छोटी-छोटी जीत पर खुद को शाबाशी भी दीजिए। जिन कामों को आप बेहतर ढंग से अंजाम नहीं दे पा रहें उन पर अत्यधिक ऊर्जा व समय नष्ट करने से बेहतर है आप उन कामों को पहले कीजिए जिसमें आप निपुण हों। ऐसा करने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आपको मुश्किल कामों को अंज़ाम देने के लिए आवश्यक उर्जा भी हासिल होगी।

कृतज्ञता का अभ्यास कीजिए। रोज सोने से पहले उन बातों के बारे में सोचिए जिनके प्रति आप कृतज्ञ हैं। जब आप उन चीजों की गिनती करने के लिए समय लेते हैं,जो आपको हासिल हैं तो आप यह महसूस करते हैं कि आपका जीवन वास्तव में बहुत सी चीजों से भरा हुआ है। बस आपका दिमाग ही बहुत व्यस्त है यह सब देख पाने के लिए।

कुछ नया सीखिए और अपने साथ पहले से अधिक समय व्यतीत कीजिए पहली बार में यह थोड़ा अजीब सकता है लेकिन अपनी खुद की कंपनी का आनंद लेने के लिए यह सीखना महत्वपूर्ण है । यह अपने स्वयं के विचारों और जरूरतों को जानने और समझने का एक अच्छा तरीका है।

यह कुछ उपाय हैं जिनकी सहायता से अच्छी आदतों को अपनाकर सही रास्ते पर वापस लौटा जा सकता है। जीवन अनमोल है इसकी परवाह कीजिए। जो सोचते हैं उस पर अमल भी कीजिए। उम्मीद है यह साल आपके लिए और खुशियां लाएगा एवं इस वर्ष मिलने वाले अनुभवों से आप और अधिक निखरेंगे और बेहतर बनेंगे।