जीवन के बारे में लोगों की सबसे बड़ी गलतफ़हमी क्या है?

1- मैं तुम्हारे बिना जी नहीं पाउँगा। हमे ऐसे लगता है कि हम अपने प्रेमी के बिना कभी नहीं जी पाएंगे पर वास्तव में जीवन किसी के लिए भी नहीं रुकता,कोई हो या ना हो, जीवन हमेेशा चलता रहता है।

2- मै सही हूँ बाकी दुनिया गलत है और मैं सब कुछ जानता हूँ दूसरे कुछ भी नही जानते हैं ,यह जीवन की सबसे बड़ी गलतफ़हमी है।

3- मेरे पास अच्छा परिवार है,बंगले हैं,गाडियाँ हैं,मुझे किस चीज की कमी है? इस घमंड में कई लोग अपने से नीचे आर्थिक स्तर के व्यक्ति को अपने से तुच्छ समझते हैं।

4- लोग सोचते हैं कोई बीमारी या दुर्घटना हो भी गई तो मेरे पास उससे निपटने के लिए कई साधन हैं पर समय का ऊँट किस करवट बैठेगा,यह किसी को पता नहीं होता।

5- हम समझते हैं कि अन्य और बहुत सी चीजों की तरह कल के बारे में भी पूर्वानुमान किया जा सकता है जबकि वास्तविकता यह है कि कोई भी नहीं जानता है कि अगले पल क्या होने वाला है।

6- हम समझते हैं कि मैनें जो किया, उसे किसी ने नही देखा लोग कर्म के नियम को हमेशा भूल जाते है। जबकि कर्म का नियम हर समय हर जगह लागू होता है। आप अपने कर्मो से भाग नही सकते हैं।

7- मुझे किसी की जरूरत नहीं है,मै अकेले जिंदगी गुजार लूँगा। हर किसी को कभी ना कभी किसी ना किसी की जरूरत पड़ती ही है परंतु ऐसा देखा गया है कि थोड़े से मतभेद के कारण लोग एक दूसरे का साथ हमेशा के लिए छोड़ देते हैं, ऐसा कहकर कि तुम्हारी मुझे कोई जरूरत नहीं है।

8- पैसे कमाने के बाद सारा तनाव दूर हो जाएगा जिनके पास पैसों की कोई कमी नही है, वो लोग बहुत खुश हैं और दुनिया की सारी परेशानी मेरे पास ही है ।

9- यह मानना कि जीवन में सबसे अच्छी चीजें हमेशा महंगी होती हैं और अमीर लोग आम तौर पर खुश होते हैं।

10- यह मानना कि अपने सपनों को जीने और उन्हें पूरा करने के लिए हमारे पास बहुत समय है।

हमारी कुछ आदतें जो हमें आगे बढ़ने से रोकती हैं

1- हर घंटे अपने फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर और स्टेटस को बदलते रहना।

2- बिना व्यवधान के प्रतिदिन टीवी सीरियल देखना और सोशल मीडिया एवं फेसबुक फ़ीड्स को स्क्रॉल करने में अपना ज्यादातर समय व्यतीत करना।

3- जब आप नियमित कार्यों को पूरा करने में बहुत अधिक समय बिताते हैं और आफिस में दिए गए कार्यों को में में बोरिंग और असंतुष्ट महसूस करते हैं।

4- जब आप बिना किसी उद्देश्य के सुबह देर से जागते हैं और जागने के बाद सबसे पहला काम अपने मोबाइल के नोटिफिकेशन को जांचने का करते हैं।

5- जब आप हमेशा दूसरों को प्रभावित करने की और हर काम में उनकी सहमति पाने की कोशिश करते हैं।

6- यदि आप अतीत में जी रहे हैं और अतीत की यादें अभी भी आपको परेशान करती हैं।

7- जब आप प्रत्येक विफलता के लिए बहाने बनाते रहते हैं और कड़ी मेहनत के बजाय भाग्य पर बहुत अधिक निर्भर रहते हैं।

8- जब आप वास्तविकता से दूर भागते हैं और अपनी खुद की मान्यताओं और भ्रम की दुनिया में जीते हैं।

9- जब आपके पास भविष्य के लिए कोई योजना नहीं होती है और आप उन लोगों के साथ बहुत अधिक समय बिताते हैं जो आपके विकास में कोई योगदान नहीं देते हैं।

10- जब आप इस अफसोस के साथ बिस्तर पर सोने जाते हैं कि मैंने आज एक और दिन बर्बाद कर दिया।

आपके जीवन ने अब तक आपको क्या सिखाया है ?

1- यह सिखाया कि हमें अक्ल बादाम खाने से नहीं आती बल्कि ठोकरें खाने से आती है। जिंदगी में आप जितनी ज्यादा ठोकरें खाते हैं, अक्सर उसी अनुपात में समझदार और मजबूत बनते जाते हैं।

2- यह सिखाया कि कुछ व्यक्ति हमारे जीवन मे सिर्फ अपना काम निकालने के लिए आते हैं। उन्हें आपकी कोई चिंता नहीं होती है, ऐसे लोगों के लिए अपना समय और प्यार दोनों बर्बाद नहीं करना चाहिए।

3- यह सिखाया कि अगर हमारे साथ कभी कुछ गलत हो रहा है तो डरना नहीं चाहिए बल्कि बेझिझक आवाज़ उठानी चाहिए क्योंकि अपने हक़ के लिए खुद ही लड़ना पड़ता है।

4- यह सिखाया कि जिंदगी में समस्याएं सबके साथ हैं। कोई इनको पाकर बिखर जाता है तो कोई निखर जाता है,हंसने वाले के साथ सारी दुनिया हंसती है पर रोने वाले के साथ कोई नहीं रोता है।

5- यह सिखाया कि जिंदगी में अपनी खुशी का कारण किसी दूसरे को मत बनाइये, जो खुशी दूसरे पर निर्भर होती है वह कभी स्थाई नहीं हो सकती है।

6- यह सिखाया कि जिंदगी में किताब से अच्छा दोस्त और कोई नहीं होता और किसी का घमंड हमेशा के लिए नहीं रहता है वह कभी न कभी चूर होता ही है।

7- यह सिखाया कि जिंदगी में किसी भी चीज़ का अंत हमे एक नया अवसर देता है, एक नयी शुरुआत का मौका देता हैजहाँ से हम अपने जीवन की दिशा बदल सकते है और एक नयी उड़ान भर सकते हैं।

8- यह सिखाया कि जिंदगी में हमें हदें पार नहीं करनी चाहिए, यदि हम हद में रहेंगे तो सब संतुलित रहेगा और हमारी मनोस्थिति भी संतुलित रहेगी।

9- यह सिखाया कि जीवन में आपकी समस्याएं केवल आपकी हैं, लोग कुछ समय के लिए आपको सहानुभूति दे सकते हैं पर इससे दुनिया को बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ता है|

10- यह सिखाया कि हमारे आने से पहले भी दुनिया थी और हमारे जाने के बाद भी दुनिया रहेगी। हमारे जाने के बाद लोग हमें उतना ही याद करेंगे, जितना कि एक पन्ना मिटे हुए अक्षर को याद रखता है।

विज्ञान के क्षेत्र में भारत की कुछ उपलब्धियां जिनके बारे में हमें जानना चाहिये

1- जगदीश चन्द्र बसु पहले भारतीय वैज्ञानिक शोधकर्ता थे , जिन्होंने बताया कि पौधों में भी जीवन होता है।

2- महान गणितज्ञ आर्यभट्ट भारत में जन्मे महान वैज्ञानिक थे जिन्होंने शून्य का अविष्कार करके पूरी दुनिया का संख्या से परिचय करवाया।

3- चन्द्रशेखर वेंकट रमन महान भारतीय वैज्ञानिक थे ,जिन्होंने स्पेक्ट्रम से सम्बंधित रमन प्रभाव के बारे मे बताया था , जिसके कारण उन्हें 1930 मे नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

4- भारत के महानतम गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन, जिन्होंने गणित के क्षेत्र में अनेकों प्रमेय दी, बाद में सभी सत्य साबित हुई। आश्चर्यजनक बात यह है कि उन्होंने गणित की प्रारंभिक शिक्षा नहीं ली थी।

5- चंद्रशेखर वेंकट रामन महान भारतीय खगोल विज्ञानी थे जिन्होंने तारों की उत्पत्ति नामक विषय पर महत्वपूर्ण सिद्धांत दिए जिसके लिए उन्हें 1983 में नोबेल पुरस्कार मिला। चंद्रशेखर सीमा उनके दिए गए महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक है।

6- हरगोविंद खुराना चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त महान भारतीय विज्ञानी हैं, जिन्होनें अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रोटीनों के संश्लेषण में न्यूक्लिटाइड की भूमिका पर दिया।

7- महर्षि सुश्रुत प्राचीन भारत के महान चिकित्साशास्त्री एवं शल्यचिकत्सक थे।उनको शल्य चिकित्सा का जनक भी माना जाता है।उनके योगदान के लिए उनको फादर ऑफ़ सर्जरी के नाम से भी जाना जाता है।

8- भारत की ओर से आयुर्वेद और योग विज्ञान दुनिया को दिया गया सबसे नायाब तोहफ़ा है। आयुर्वेद और योग की विशेषता और लाभ क्या है इन्हें गिनाने की आवश्यकता बिलकुल भी नहीं है।

9- मिसाइल मैन के नाम से विख्यात ए.पी. जे अब्दुल कलाम ,जो भारत के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं । कलाम साहब ने अग्नि एवं पृथ्वी जैसे प्रक्षेपणों को स्वदेशी तकनीक से बनाया ,इनके इस महान योगदान के लिए भारत सरकार ने इन्हें 1981 मे पद्म भूषण तथा 1990 मे पद्म बिभूषण से सम्मानित किया गया ।

10- हम सभी जानते है कि पदार्थ की तीन अवस्थाएं होती है जो कि ठोस,द्रव और गैस होती है।इसके इतर और दो अवस्थाओं की खोज की जा चुकी है जिन्हें प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन संघनन के नाम से जाना जाता है। बोस-आइंस्टीन संघनन की खोज में भारतीय गणितज्ञ और भौतिकी विज्ञानी सत्येंद्र नाथ बोस का अहम योगदान था। इसका अध्ययन फोटोन और क्वांटम मैकेनिक्स में मददग़ार होता है।

वे कौन सी चीजें हैं जिन्हें पैसों से खरीदा नहीं जा सकता है?

1- भरोसा बेशकीमती है ,यह वह चीज़ है जो एक बार उठ गया तो फिर वापस नहीं आता है चाहे जितना पैसा हो इसे वापस नहीं खरीदा जा सकता है।

2- दिल से जो दिल को जोड़े वैसा सच्चा प्यार कहीं खरीदा नहीं जा सकता है। यदि एेसा होता तो आज अमीर इंसान अपने प्यार के साथ जी रहा होता।

3- जिंदगी में स्वास्थ्य को पैसों से नहीं खरीदा जा सकता, पैसों से आप मंहगी दवाएं खरीद सकते हैं पर स्वास्थ्य नहीं।

4- हम सभी के पास एक निश्चित समय है जिसमें हमें पूरी जिंदगी जीनी है और अपने सपनों को पूरा करना है। समय के एक पल को भी पैसे से नही खरीदा जा सकता है।

5- ज्ञान कभी खरीदा नहीं जा सकता है। पैसे से शायद अच्छे कॉलेज मैं दाख़िला ले सकते हैं पर मेहनत ख़ुद से करनी पड़ेगी। आप पैसे से किताब खरीद सकते हैं पर पढ़ना तो आपको ही पड़ेगा।

6- किसी के कर्म को पैसों से नहीं खरीदा जा सकता, हर इंसान को देर-सबेर अपने कर्मों के फल भुगतने होते हैं। आप पैसों से किसी के हिस्से के अच्छे कर्म नहीं खरीद सकते हैं।

7- किसी के कठोर परिश्रम को पैसों से नहीं खरीदा जा सकता है। परमाणु बम गिरने के बावजूद अपने कठोर परिश्रम के बल पर जापान एशिया का एकमात्र विकसित देश है।

8- हम दूसरों के अनुभव और उनके साथ को पैसों से नहीं खरीद सकते हैं।

9- पैसों से आप दुनिया भर के शौक को बेशक पूरा कर सकते हैं लेकिन पैसों से आप अच्छे संस्कार नहीं खरीद सकते हैँ।

10- पैसों से आप जो बीत गया वह वक्त और पुरानी यादों को वापस नहीं खरीद सकते हैं।

11- पैसों से आप किसी की तकदीर और मुकद्दर को नहीं खरीद सकते हैं।

चला गया भारतीय राजनीति का शिखर पुरूष

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श्री अटल बिहारी वाजपेयी को हमेशा एक सज्जन राजनेता, प्रखर वक्ता और एक महान आत्मा के रूप में याद किया जाएगा। इन सबसे बढ़कर वह एक प्रेमपूर्ण, दयालु और महान इंसान थे।

संसद में और सार्वजनिक रैलियों में उनके भाषणों को सुनना लोंगों बहुत खुशी देता था। यहां तक कि उनके विरोधियों ने भी हमेशा उनकी प्रशंसा की और सम्मान किया। उनके पास सबसे कठिन मुद्दों पर भी लगभग सभी को साथ लेने और आम सहमति विकसित करने की अद्भुत क्षमता थी।

प्रधानमंत्री के रूप में उनका 1999-2004 तक का कार्य़काल भारत की स्वर्णिम अवधि के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर, कारगिल युद्ध, गोल्डन चतुर्भुज जैसी कई परियोजनाएं शुरू कीं, जिन्होंने भारत के बुनियादी ढांचे को बदल दिया और हर मोर्चे पर मजबूत भारत का निर्माण किया।

उन्हें मानवता के प्रेमी के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने पाकिस्तान के साथ शांति बनाने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की और विपक्ष के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखा। उन्होंने सीमावर्ती आतंकवाद और कश्मीर पर चर्चा के लिए 14-16 जुलाई, 2001 से दो दिवसीय आगरा शिखर सम्मेलन की बैठक के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भारत में आमंत्रित किया।

इसके अलावा, वाजपेयी ने 1 9 फरवरी, 1999 को ऐतिहासिक दिल्ली-लाहौर बस के उद्घाटन के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच सड़क कनेक्टिविटी कायम करने का प्रयास किया।

हम सब उन्हें बहुत याद करेंगे।

भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

भारतीय स्वतंत्रता दिवस के बारे में कुछ रोचक तथ्य जिन्हें आपको जानना चाहिय़े

1- उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, बहरीन और कांगो गणराज्य भारत के साथ 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस साझा करते हैं।

2- जब 15 अगस्त, 1947 को भारत स्वतंत्र हुआा तब देश का कोई राष्ट्रीय गान नहीं था। यद्यपि जन गण मन को बंगाली भाषा में 1911 में लिखा गया था, पर इसे 1950 से पहले तक राष्ट्रीय गान का दर्जा नहीं मिला था।

3- भारत की आजादी के बाद, पुर्तगाल ने अपने संविधान में संशोधन किया और गोवा को पुर्तगाली राज्य घोषित कर दिया। 19 दिसंबर, 1961 को भारतीय सैनिकों ने गोवा पर हमला किया और भारत में वापस इसका विलय किया।

4- स्वतंत्रता के मुख्य वास्तुकार महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग नहीं लिया था। इसके बजाए, उन्होनें कलकत्ता में पूरे दिन उपवास किया और दिन भर प्रार्थना की उन्होनें सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में उस दिन उपवास किया था जो देश में व्यापक पैमाने पर हो रही थीं।

5- आजादी के बाद देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू को ग्लोबल स्टाइल आइकन के रूप में माना जाता था, उनके प्रसिद्ध नेहरू जैकेट दुनिया भर में हिट बन गए थे। उन्हें प्रसिद्ध फैशन पत्रिका वोग में भी जगह मिली थी।

6- महान क्रांतिकारी भगत सिंह अनेक अलग-अलग भाषाओं में निष्णात थे। उनका अंग्रेजी, अरबी, फ्रेंच, स्वीडिश, हिंदी, पंजाबी और मुल्तानी पर समान रूप से अधिकार था।

7- आजादी के समय भारत में 562 रियासतें थीं। इन राज्यों में से 560 भारत में स्वेच्छा से शामिल हो गए और शेष दो (जूनागढ़ और हैदराबाद) का सेना द्वारा भारत में विलय हुआ था।

8- आजादी के समय भारतीय रूपया $ 1 के बराबर था। पेट्रोल की कीमत 1.8 रुपये प्रति लीटर थी और सोने 88 रुपये, 62 पैसे प्रति 10 ग्राम था।

जिंदगी के कुछ कड़वे सच जिन्हें हम अक्सर इग्नोर करते हैं

1- हम एक असली दुनिया में रह रहे हैं और असली दुनिया आदर्शों से बहुत दूर होती है।

2- हमें विश्वासघात अक्सर उन लोगों से मिलता है जिन पर हम सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।

3- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने अच्छे इंसान हैं, कुछ बार आपका दिल जरूर टूटेगा। अच्छी बात यह है कि समय के साथ सबकुछ ठीक हो जाता है और आप पहले से बेहतर और मजबूत हो जाएंगे।

4- जीवन निष्पक्ष नहीं है यहां बहुत से ऐसे कड़ी मेहनत करने वाले लोग हैं जो गरीबी और मुफलिसी का जीवन जी रहे हैं वहीं दूसरी ओर मूर्ख और आलसी लोग जीवन की सर्वश्रेष्ठ लक्जरी का आनंद ले रहे हैं।

5- आप लोगों से आपके साथ अच्छा व्यवहार करने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। उम्मीद टूटने पर तकलीफ होती है लेकिन जीवन में आप लोगों से उम्मीद रखना भी छोड़ नहीं सकते हैं।

6- कोई भी कमजोर इंसान से प्यार नहीं करता है। शुरूआती दिनों में लोग आपसे सहानुभूति दिखाएंगे, लेकिन बाद में आप उनके लिए बोझ बन जाएंगे।

7- हर बार कर्म का नियम काम नहीं करता है। कभी-कभी आपको अपने अच्छे कर्मों के लिए बुराई का सामना करना पड़ता है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अच्छे कर्मों को करना बंद कर दिया जाए।

8- जीवन में सब कुछ एक्सपायरी डेट के साथ आता है चाहे वह आपकी खुशियां हों या फिर दुख यहां सबकुछ अस्थायी है।

9- आपके माता-पिता हमेशा आपके साथ नहीं होंगे। उनके साथ कुछ समय बिताएं और उनकी खुशी के लिए कुछ जरूर करिये ।

10- जब आप सोचते हैं कि आखिरकार सब कुछ ठीक हो गया है, तब जिंदगी हमेशा आपको झटका देकर एक बार फिर से उलझा देती है।

पुरूष होने के कुछ साइड इफेक्ट क्या हैं ?

1- एक 27 वर्षीय बेरोजगार भारतीय महिला के पास विकल्प है, घर पर रहने का और किसी एेसे व्यक्ति से शादी करने का जो उसे लक्जरी लाइफ दे सके वहीं दूसरी तरफ एक 27 वर्षीय बेरोजगार भारतीय पुरूष, उसे बहुत चिंता करने की जरूरत है और शायद अगले कुछ सालों के लिए उसे शादी को भूल जाना चाहिए।

2- एक पति के रूप में, एक पिता के रूप में, एक बेटे के रूप में और एक भाई के रूप में आम तौर पर एक पुरुष को परिवार में हर किसी की इच्छा पूरी करनी होती है और खुद की इच्छाओं को मारना पड़ता है।

3- कॉर्पोरेट कल्चर में मौजूद समानता के बावजूद आमतौर पर पुरुषों से अपने महिला समकक्षों की तुलना में कठिन परिस्थितियों में काम करने की उम्मीद जाती है।

4- बारह घंटे काम करना अपने परिवार के लिए दूसरे शहर, देश , दुनिया भर में काम के सिलसिले में भटकते फिरना फिर भी पुरूष को उनके काम के लिए कोई मान्यता नहीं मिलती। कोई भी पुरुष दिवस नहीं मनाता है।

5- यदि आप घर के कामों में हाथ बंटाते हैं तो समाज आपको जज करता है। यदि आप घर घर के कामों में हाथ नहीं बंटाते हैं, तो आपकी पत्नी आपको जज करती है।

6- पिता का जन्मदिन आमतैर पर परिवार में किसी को याद नहीं रहता, भले ही वह सबके जन्मदिन पर हमेशा सर्वश्रेष्ठ उपहार देते हों।

7- पुरूषों को अपने आंसुओं को सबसे कठिन परिस्थितियों में छिपाना होता है ताकि दूसरे अपने सिर को उनके कंधे पर रख कर रो सकें।

8- पुरूषों पर आरोप लगाकर उनके जीवन को बर्बाद करना आसान है, कई बार यह देखा गया है कि उन्हें उन चीज़ों के लिए दोषी ठहराया जाता है जिन्हें उन्होंने किया ही नहीं है।

मनोविज्ञान के कुछ रोचक तथ्य

1- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार यदि आप दाहिनी करवट की तरफ सोते हैं तो आपको अपने बाएं करवट की तरफ सोने की तुलना में ज्यादा जल्दी नींद आएगी।

2- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार सिर्फ यह मान लेना कि आप अच्छी तरह से सोए हैं, भले ही आप ठीक तरह से न सोए हों, आपके काम-काज में सुधार लाने के लिए काफी है।

3- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार दिन में कम से कम 5-10 मिनट के लिए संगीत सुनना प्रतिदिन के भावनात्मक तनावों से निपटने में सहायक है।

4- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार शारीरिक स्पर्श आपको स्वस्थ बनाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि हाथ मिलाने, गले लगने और हाथों में हाथ लेने से तनाव कम होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है।

5- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार यदि आपकी मनोदशा अक्सर बिना किसी कारण खुशी से गम में बदलती रहती है, तो यह इस बात का संकेत है कि आप किसी को मिस कर रहे हैं।

6- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार यदि आप किसी को बहुत प्यार करते हैं तो केवल उस व्यक्ति की तस्वीर को देखना ही आपको बहुत से दर्द से छुटकारा पाने में मदद करता है।

7- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार जो लोग सार्वजनिक व भीड़ वाले स्थानों में घूमते समय अपनी जेब में अपना हाथ रखते हैं वे आम तौर पर अंतर्मुखी या शर्मीले होते हैं।

8- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार लोगों का आकर्षक और झूठा व्यवहार हमें आसानी से भ्रमित कर सकता है क्योंकि लोग ईमानदारी से अधिक भरोसा व्यवहार और उसके दिखावे की प्रस्तुति पर करते हैं।

9- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार नकारात्मक विचारों को लिखना और उन्हें कूड़ेदान में फेंकना आपके मूड को बेहतर बनाने का एक मनोवैज्ञानिक उपाय है।

10- ह्यूमन साइक्लोजी के अनुसार लोग दूसरों के पीठ पीछे जैसी बातें आपसे करते हैं वे ठीक वैसी ही बातें अन्य लोगों से आपके बारे में करते हैं।