सोशल साइक्लोजी के कुछ रोचक तथ्य क्या हैं

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http://armor-deck.net/edikpedik/4178 1- अपनी आवाज ऊंची मत कीजिए बल्कि अपना तर्क सुधारिए। किसी बहस में सफल होने का सबसे शक्तिशाली तरीका सही प्रश्न पूछना है। यह लोगों को उनके तर्क में त्रुटियों को देखने पर मजबूर कर देता है।

enter site 2- लोग आम तौर पर ऐसी चीजों की तलाश करते हैं जो उनकी मौजूदा मान्यताओं की पुष्टि करती है और उन जानकारियों को अनदेखा करते हैं जो उनकी सोच के विपरीत हैं। समाजिक मनोविज्ञान में इसे उम्मीद की पुष्टि के रूप में जाना जाता है।

follow site 3- अन्य लोगों की उपस्थिति हमारे व्यवहार पर शक्तिशाली प्रभाव डालती है। जब लोगों को पता होता है कि उन्हें देखा जा रहा है, तो वे बेहतर व्यवहार करते हैं। यहां तक कि दूसरों द्वारा देखे जाने का भ्रम भी लोगों को बेहतर व्यवहार करने के लिए प्रेरित करता है।

source 4- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार एेसे लोग जो सार्वजनिक स्थानों या भीड़ भरी जगहों पर घूमते समय अपनी जेब में हाथ डाले रखना पसंद करते हैं वे आम तौर पर अंतर्मुखी या शर्मीले होते हैं।

nz forex market hours 5- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार शर्मीले और अन्तरमुखी स्वभाव के लोगों के पास दूसरों को आब्जर्व करने का महान कौशल होता है, जिसके कारण किसी समस्या के मूल को पहचानने में वे दूसरों की तुलना में अधिक कुशल होते हैं।

go to link 6- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार हम सफल और अमीर लोगों को अधिक समझदार और बुद्धिमान मानते हैं और इसके विपरीत को भी सच समझते हैं।

op option 7- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार दूसरों से हमारी उम्मीदें इस बात को प्रभावित करती हैं कि हम दूसरों को कैसे देखते हैं और सोचते हैं कि उन्हें कैसे व्यवहार करना चाहिए।

http://ostacamping.com/index.php?Itemid=18 8- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार दूसरों के बारे में कोई व्यक्ति आपसे क्या बोलता है उस पर ध्यान दीजिए क्योंकि दूसरोंं से वह आपके बारे में ठीक वैसे ही बात करेंगे।

http://orpheum-nuernberg.de/?bioede=bin%C3%A4re-optionen-quoten&fce=54 9- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार दूसरों की आकर्षक वेशभूषा और व्यवहार आपको आसानी से भ्रमित कर सकता है क्योंकि आमतौर पर लोग ईमानदारी से अधिक भरोसा वाह्य वेशभूषा और बातों पर करते हैं।

http://zspskorcz.pl/pictose/eseit/5817 10- समाजिक मनोविज्ञान के अनुसार सोशल मीडिया पर दूसरों की पोस्ट की गयी तस्वीरों को देखने से लोग को उदास महसूस होता है क्योंकि इससे उन्हें विश्वास होता है कि उनके मित्र और परिवार के लोग उनसे ज्यादा खुश हैं। हालांकि तथ्य यह है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले लोग भी ऐसा ही महसूस करते हैं।

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