शर्मीला स्वभाव होने के कुछ साइड-इफेक्ट क्या हैं

1- दूसरों के लिए आपको और आपके विकल्पों को समझना मुश्किल होता है। यहां तक कि आपके परिवार के निकटतम सदस्यों और दोस्तों को भी आपके दिमाग के अंदर क्या चल रहा है, इसका पता नहीं होता।

2- किसी चीज़ को जरूरत से ज्यादा सोचना अंतर्मुखी स्वभाव के व्यक्तियों की सबसे बुरी आदतों में से एक है। अधिकतम समय आपके दिमाग में कुछ न कुछ चलता रहता है। आप हमेशा अपने भविष्य, करियर, आदतों और कई दूसरी चीजों के बारे में सोचते रहते हैं।

3- अंतर्मुखी स्वभाव के लोग अपना समय एकांत में बिताना पसंद करते हैं और अक्सर कम बोलने वाले होते हैं। अधिकांश समय इन्हें दूसरों को समक्ष अपनी भावनाओं को व्यक्त करने या कहने में हिचकिचाहट महसूस होती है।

4- दूसरों से मदद लेने के मामले में शर्मीले स्वभाव के लोगों की स्थिति अत्यंत दयनीय होती है। दूसरों की मदद लेने में वे बुरा महसूस करते हैं और कई बार सोचते हैं।

5- जब अंतर्मुखी स्वभाव के लोगों के मन में कोई संदेह होता है तो वे सीधे सवाल नहीं पूछते हैं, वे केवल यह सोचते हैं कि उन्हें पूछना चाहिए या नहीं, फिर कुछ बार सोचने के बाद वे इसे छोड़ने का फैसला करते हैं और अन्य स्रोतोंं के माध्यम से अपने डाउट क्लीयर करते हैं।

6- अंतर्मुखी स्वभाव के लोग जानते हैं कि लोग उन्हें छोटी-छोटी बातों में बेवकूफ बनाने की कोशिश करते हैं फिर भी वे इसे लेकर चिंतित नहीं होते क्योंकि वे बहस करना पसंद नहीं करते हैं। दूसरों से धोखा खाना उनकी अक्षमता नहीं है बल्कि यह दूसरों पर हर बार भरोसा करने और माफ कर देने की उनके दिल की दयालुता है।

7- शर्मीले स्वभाव के लोग सबसे दुर्भाग्यशाली एक तरफा प्रेमी होते हैं। यहां तक कि उनके सबसे अच्छे दोस्त को भी पता नहीं होता कि वो प्यार में हैं।

8- अंतर्मुखी और शर्मीले स्वभाव वालों के पास कई भावनाओं के लिए एक ही चेहरा होता है क्योंकि ये अंदर ही रोते हैं, अंदर ही हंसते हैं, अंदर ही प्यार करते हैं और अंदर ही नफरत करते हैं।

9- अंतर्मुखी और शर्मीले स्वभाव के लोगों के जीवन की कहानी में हर भूमिका के लिए उनके पास बहुत कम लोग होते हैं और जब वे उनमें से किसी को खो देते हैं, तो उन्हें बहुत गहराई से दर्द देता है और उन घावों को ठीक होने में कई साल लग जाते हैं।

10- अंतर्मुखी और शर्मीले स्वभाव के लोगों को असमाजिक,अपनी दुनिया में केंद्रित,अहंकारी और ऐसे अन्य विशेषणों से नवाजा जाता है क्योंकि वे ज्यादा कुछ बोलते नहीं हैं और सामाजिक घटनाओं में शरीक होने से बचते हैं।

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