विचारों की ताकत को इग्नोर मत कीजिए

आज दुनिया जैसी भी दिखाई देती है वह पूर्व में हमारे मन में उठने वाले विचारों का परिणाम है। आज दुनिया में जितनी अच्छी चीजें, अविष्कार,प्रगति दिखाई देती है वह परिणाम है उन सकारात्मक विचारों का जिनका जन्म किसी मनुष्य के ह्रदय में हुआ था और दुनिया में जो भी नकारात्मकता है,सत्ता और शक्ति का दुरुपयोग है वह भी परिणाम है उन नकारात्मक विचारों का जिनका जन्म किसी मनुष्य के ह्रदय में हुआ होगा।

1- मनुष्य का जीवन घटनाओं का समूह है और ये घटनाएं हमारे विचारों का परिणाम हैं। विचार एक शक्ति है जिसका उपयोग करके हम जीवन में बहुत ऊंचा भी उठ सकते हैं और इस शक्ति का दुरुपयोग हमें पशुओं के स्तर से भी नीचे गिरा सकता है।

2-मन ही विचारों का उद्गम और अंत स्थल है, विचार मन से ही जन्म लेते हैं और मन में ही समाप्त हो जाते हैं। हमारे विचारों का हमारे जीवन की हर एक घटना पर प्रभाव पड़ता है।

3-विचार भी बच्चों की तरह होते हैं, वे भी अपना पराया, भला बुरा नहीं समझते हैं और बस कभी भी, कहीं भी, कहीं से भी हमारे पास चले आते हैं ।यदि हम आने वाले विचारों का स्वागत करते हैं, उन्हें अपनाने का प्रयास करते हैं तो वे पुष्ट होते हैं, बढते हैं, विकसित होकर हमारा पुनर्निर्माण करते हैं।

4-यदि विचारों को दुत्कार दिया जाए ,उन्हें बेइज्जत कर दिया जाए, उनकी परवाह न की जाए तो फिर एेसे विचार हमारे पास से चले जाते हैं। ये विचार मृतप्राय होकर हमारे मन की गहराइयों में दफन हो जाते हैं।

5-सभी विचार न तो हर एक के लिए अच्छे होते हैं और न ही बुरे, विचारों को चुनने के लिए मनुष्य स्वतंत्र है। जो विचार आपको अच्छा लगता हो, जिनसे अच्छी आदतें बनती हों, जो उत्तम स्वभाव का निर्माण करते हों एेसे विचार हमारे मित्र के समान हैं। एेसे विचारों का हमें खुले दिल से स्वागत करना चाहिए,इन विचारों का बार-बार चिंतन करना चाहिए।

6- विचारों में बहुत शक्ति होती है,हम जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं।नकारात्मक विचार नकारात्मकता को और सकारात्मक विचार सकारात्मकता को आकर्षित करते हैं।

7- विचार वह शक्ति है जिसका उपयोग अच्छे और भलाई के कामों में भी किया जा सकता है और इस शक्ति को एेसे कामों में भी नष्ट किया जा सकता है जो मानवता को कलंकित करते हैं।

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