भावनात्मक दर्द आपके जीवन को कैसे बदल देता है?

1.भावनात्मक दर्द का व्यक्तिव पर असर शारीरिक दर्द से अधिक गहरा होता है और आपके व्यवहार पर इसका अधिक प्रभाव पड़ता है।

2.कभी-कभी लोग भावनात्मक चोट की तुलना में शारीरिक रूप से चोट खाना अधिक पसंद करते हैं क्योंकि आप शारीरिक चोट पर मरहम लगा सकते हैं लेकिन आपके दिल पर लगी चोट के लिए कोई मरहम नहीं होती है।

3. सबसे अधिक दर्द का सामना करने वाले अक्सर वह लोग होते हैं जो हमेशा दूसरों को खुश रखने की कोशिश कर रहे होते हैं।

4. भावनात्मक दर्द के दौरान आप अक्सर महसूस करते हैं कि आप अकेले हैं और आपको हर जगह इसके साक्ष्य मिलेते भी रहते हैं।

5. दर्द के खिलाफ गुस्सा एक प्राकृतिक ढाल है। जब कोई कहता है कि ‘मैं तुमसे नफरत करता हूं’ तो उनका वास्तव में मतलब है ‘आपने मुझे चोट पहुंचायी है’।

6. दर्द लोगों को बदलता है जिससे वह दूसरों पर कम विश्वास करते हैंं और अधिक सोचते हैं और खामोश रहना ज्यादा पसंद करते हैं।

7. जब आप बहुत लंबे समय तक दर्द को दिल में रखते हैं तो यह आपके मनोभावों को प्रभावित करता है, फिर जब आपके साथ कुछ बुरा होता है तो आप रोते या शिकायत नहीं करते हैं, आप बस वहां बैठे रहते हैं और कुछ भी महसूस नहीं करते हैं।

8. कभी-कभी दर्द होने पर खुश होने का नाटक करना सिर्फ एक उदाहरण है कि आप एक व्यक्ति के तौर पर कितने मजबूत हैं।

9. दूरियां हमेशा खराब नहीं होती हैं। कभी-कभी थोड़ी दूरी बनाने से लोगों को यह पहचानने में मदद मिलती है कि आप वास्तव में उनके लिए कितना मतलब रखते थे।

10. भावनात्मक दर्द हमेशा सजा नहीं होता या फिर ऐसा कुछ नहीं होता जिसे हमने अनजाने में अपने जीवन में आकर्षित कर लिया हो। कभी-कभी इसके होने का मकसद बस इतना होता है कि जीवन में हम कुछ सीखें और आगे बढें।

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