दोस्ती और प्रेम के बीच क्या अंतर है ?

1- दोस्ती में कोई वजह नहीं होती है, और प्रेम एक वजह बन कर रह जाता है क्योंकि दोस्ती को समझने की जरुरत नहीं होती है जबकि प्रेम में समझना बहुत आवश्यक हो जाता है।

2- प्रेम आत्मा है और दोस्ती शरीर और जब इन दोनों का मिलन होता है तो मजबूत रिश्तों का निर्माण होता है।

3- प्रेम मनुष्य को एकांत की और ले जाता है, दोस्ती उसे भीड़ की ओर क्योंकि प्रेम आपको विद्रोही बनाता है और दोस्ती आपको स्वच्छंद ।

4- प्रेमी कहता है, तुम्हें कुछ हुआ तो मैं ज़िंदा नहीं रहूँगा और दोस्त कहता है, जब तक मैं ज़िंदा हूँ, तुम्हें कुछ नहीं होने दूँगा।

5- मित्रता के लिए हमेशा ही किसी आलंबन की आवश्यकता होती है। किसी मित्र से कभी दुराव भी हो सकता है। मित्रता भी तभी तक है जब तक आपके ह्रदय में प्रेम है ।

6- प्रेम आप को लाचार बना सकता है पर दोस्ती आप को मजबूत बनाती है। प्रेम आंसुओं का कारण बन सकती है पर दोस्ती बारिश में भी आपके आँसू पहचान सकती है।

7- अगर प्रेम में मित्रता हो जाये तो अच्छी बात है पर यदि मित्रता में प्रेम हो जाये तो जिंदगी में फिर किसी और प्रेम की जरूरत ही नहीं पड़ती है।

8- प्रेम में दोनों पक्षों से उम्मीद रखी जाती है। पर दोस्ती बिना उम्मीद के भी चलती रहती है।

9- प्रेमी को दिल की बात समझनी पड़ती है और दोस्त अापके दिल की बात अपने आप समझ जातें हैं।

10- सैकड़ो अनकही उम्मीदों की वजह से प्रेम अक्सर दोस्ती की तुलना में कहीं ज़्यादा उलझाव भरा हो जाता है।

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