जो उलझाता है वही सुलझता है

जीवन में हमें क्या नहीं करना चाहिए यह बताने को बहुत लोग मिल जाते हैं, पर क्या करना चाहिए इसका जवाब बहुत कम लोगों के पास होता है। एेसे लोग जीवन में मुश्किल से मिलते हैं और कभी-कभी तो हम एेसे इंसान को पहचान ही नहीं पाते हैं।

हमें लगता है कि दूसरा व्यक्ति ही हमें वह सब कुछ दे सकता है जिससे हमें शांति मिल जाएगी। हमारी उम्मीद अक्सर टूट जाती है क्योंकि हम यह भूल जाते हैं कि कोई भी व्यक्ति हमें वही दे सकता है जो कि उसके खुद के पास हो। हम जिसे दूसरे व्यक्ति में ढूंढ रहे हैं वो भी किसी तीसरे व्यक्ति में उसे तालाश कर रहा है और तीसरा व्यक्ति किसी चौथे व्यक्ति को ढूंढ रहा है इस तरह यह अंतहीन सिलसिला जारी है।

कोई किसी को वही दे सकता है जो खुद उसके पास हो। किसी को शांति वही दे सकता है जो खुद स्थिर हो। किसी को हिम्मत वही दे सकता है जो खुद पथरीली राहों पर चला हो। किसी को रास्ता वही बता सकता है जो खुद सफर पर निकला हो। बिना अनुभव का ज्ञान तो बस उधार की जानकारी होता है जिसका सहारा लेकर किसी तरह समस्या को कुछ समय के लिए टाला तो जा सकता है पर उसका पूर्ण समाधान नहीं किया जा सकता है।

एक मकड़ी ने कमरे में जाला लगाने की सोची वह सही जगह की तलाश करने लगी उसने चिड़िया से सलाह मांगी चिड़िया ने कहा जाला कहीं भी लगाना पर खिड़कियों से दूर रहना क्योंकि जब हवा चलेगी तो जाला टूट जाएगा। मकड़ी ने बात मानकर कमरे के एक कोने में जाला बुनना शुरू ही किया था कि एक बिल्ली आ गयी उसने कहा यहां जाला बुनना बेकार है क्योंकि इस कोने में मक्खियाँ नहीं आती हैं तो फिर तुम्हारे जाले में फंसेगा कौन? तुम अलमारी के पीछे जाला बुनों वो जगह तुम्हारे मुफीद रहेगी।

मकड़ी ने अब अलमारी के पीछे ठिकाना बनाने लगी तो अलमारी में रहने वाली दीमक ने कहा यह अलमारी दीमक लगने के कारण खराब हो गई है और थोड़े समय बाद इसे कबाड़ी ले जाएगा तुम कहीं और चली जाओ। मकड़ी की तालाश जारी है।

आवश्यकता है खुद पर भरोसा करने की और बिना विचलित हुए लगातार कोशिश जारी रखने की,क्योंकि एेसा करने पर हमें अनुभव प्राप्त होता है और जब हमें जानकारी और अनुभव दोनों मिल जाते हैं फिर हमें अपनी समस्या का समाधान भी मिल जाता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.